घिरोर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद विभाग में खलबली मची है। अब भी अधिकारी बजाय कार्रवाई के मामले रफा-दफा करना चाहते हैं। मंगलावार को गांव नाहिली में जांच करने पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी घर में बैठकर ही जांच कर आए। ऐसे में गांव के लोग भी अधिकारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
विकास खंड घिरोर के गांव नाहिली निवासी सेजल की शादी होने के बाद दोबारा सामूहिक विवाह समारोह में भी उसे फेरे दिला दिए गए थे। सेजल के पिता विजयपाल ने एडीओ समाज कल्याण घिरोर पर 5 हजार रुपये लेने का आरोप भी लगाया था। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
मंगलवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार दोपहर में नाहिली पहुंचे। वे सीधे विजयपाल के घर पहुंचे और चारपाई पर बैठ गए। परिवार के लोगों से ही काफी देर तक बातचीत करने के बाद लौट आए। न तो किसी ग्रामीण के बयान दर्ज किए गए कि सेजल की शादी कब हुई थी और न ही कोई जांच पड़ताल की गई।
सूत्रों के अनुसार अधिकारी भी जांच के बजाय पीड़ित पर दबाव बनाने पहुंचे थे। गांव में इस बात की चर्चा है कि आखिर अधिकारी जांच करने आए थे या फिर फर्जीवाड़े को दबाने। जांच टीम में एडीओ पंचायत राजकुमार, एडीओ आईएसबी हीरालाल व स्टाफ मौजूद रहा।
मामले में जब जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि जांच के लिए गए थे। अभी सभी बिंदुओं पर जांच नहीं हो पाई। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।