बारिश के मौसम में बिलों में पानी भरने से इन दिनों सांप निकलने की घटनाएं हो रही हैं। जैसे-जैसे बारिश का पानी सांपों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाता है, वैसे-वैसे सरीसृप, विशेष रूप से सांप, सूखे इलाकों की तलाश में बाहर आने लगते हैं। जिससे वो बस्तियों में पहुंच जाते हैं। वाइल्डलाइफ एसओएस इस परिस्थितियों में लोगों व सांप के बीच के संघर्ष को कम करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि मानसून में सांप निकलने की घटनाएं अधिक होती है। अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते हैं। घबराहट में इन्हें मारने के बजाए सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर रेस्क्यू कराया जा सकता है।
विगत वर्ष बारिश के मौसम में आगरा और आसपास के इलाकों में घरों और व्यावसायिक क्षेत्रों से अक्सर कोबरा, कॉमन क्रेट, अजगर, वुल्फ स्नेक, इंडियन रैट स्नेक और ब्लैक-हेडेड रॉयल स्नेक जैसे सांपों को बचाया गया। डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एमवी ने कहा कि ज्यादातर सांप आक्रामक नहीं होते हैं। अगर, कोई सांप दिखाई दे तो उसे उकसाने या छूने से बचें, सुरक्षित सहायता के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान, टोल फ्री नंबर पर कॉल करें
बारिश में जलभराव के कारण अक्सर सांप निकलते हैं। ऐसी स्थिति में बचने के लिए आसपास के क्षेत्र को साफ रखें। दरारों को सील कर दें। कचरे को बसावट से दूर रखें। घास वाले या जलभराव वाले क्षेत्रों में नंगे पैर चलने से बचें। इसके बाद भी सांप नजर आए तो वाइल्ड लाइफ एसओएस के आपातकालीन हेल्पलाइन 9917109666 पर कॉल करें।