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कोरोना: 21 दिन तक घर नहीं जा पाएगा इलाज में लगा स्टाफ, इस तरह लगाई ड्यूटी

Fri, 10 Apr 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

300 बेड का क्वारंटीन सेंटर
200 बेड के आइसोलेशन वार्ड
60  बेड का एक्टिव क्वारंटीन सेंटर
20 बेड का आईसीयू वार्ड
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एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना वायरस के मरीज और संदिग्धों के इलाज में जुटे चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ 21 दिन तक घर नहीं जा पाएंगे। इनके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में ही एक्टिव क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। सात दिन की ड्यूटी के बाद यह 14 दिन एकांतवास में रहेंगे।
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कोरोना वायरस के आइसोलेशन वार्ड और क्वारंटीन सेंटर में 60 लोगों का स्टाफ लगा हुआ है। इनकी सात-सात दिन में रोस्टर प्लान के तहत ड्यूटी लगाई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार इलाज में लगे स्टाफ को क्वारंटीन किए जाना अनिवार्य है।

ऐसे में चिकित्सकों के लिए गेस्ट हाउस, महिला स्टाफ के लिए नर्सिंग कॉलेज, वार्ड ब्वाय समेत अन्य स्टाफ के लिए जिला टीबी डिमोस्ट्रेशन सेंटर में एक्टिव क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं।
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क्वारंटीन सेंटर में किए जाएंगे 500 बेड
एसएन मेडिकल कॉलेज में तीन सौ पलंग का क्वारंटीन सेंटर बना है, ये सर्जरी विभाग की नई आठ मंजिला इमारत में बनाया गया है। अब यहां पांच सौ बेड की व्यवस्था करने की तैयारी है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। नेत्र रोग विभाग में भी पलंग बढ़ाए जा सकते हैं।

स्टाफ के लिए खाने-पीने की दिक्कत
कोरोना वायरस पीड़ितों के इलाज में जुटे चिकित्सकीय स्टाफ के लिए खाने-पीने की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। चिकित्सकीय स्टाफ का कहना है कि ड्यूटी से आने के बाद खाना, नाश्ता देर से मिलता है, इंतजार करना पड़ता है। इसकी शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन व्यवस्थाएं नहीं सुधर रहीं हैं।
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