एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में मरीज को भर्ती नहीं किया गया, वह वार्ड के बाहर ही जमीन पर लेटा रहा। परिजन मरीज की हालत खराब होने की दुहाई देते हुए भर्ती करने के लिए कहते रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
शमसाबाद निवासी दिनेश चंद्र (50) को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। एक-दो दिन से खाना भी नहीं निगला जा रहा था। रविवार सुबह तबियत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन मरीज को लेकर एसएन कालेज इमरजेंसी लेकर पहुंचे।
यहां डाक्टरों को दिखाया तो बोले बाहर बैठो इतनी जल्दी मत करो। मरीज के बेटे जितेंद्र सिंह बोले कि पिता की हालत ज्यादा खराब है, तब तक बेड पर ही लिटा दो। इस पर डाक्टरों ने उसे फटकार दिया। करीब दो घंटे तक मरीज बाहर ही पड़ा रहा।