विशाखापत्तनम से आगरा में गांजे की तस्करी तीन साल से की जा रही है। यहां से सबसे ज्यादा गांजा आता है। दूसरा केंद्र बंगलूरू है। कैरियर कैंट स्टेशन पर उतरने के बाद सड़क मार्ग से दिल्ली जाते हैं या फिर स्टेशन के बाहर ही किसी को गांजा सौंप दिया जाता है। आगरा कैंट पर पिछले छह महिनों में तीन महिलाओं और 19 पुरुषों को गिरफ्तार किया है। दो साल में 717 किलोग्राम गांजा बरामद किया जा चुका है। 64 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
स्टेशन के बाहर टैक्सी चालक रहते हैं तैयार
आगरा कैंट स्टेशन पर गाड़ी चलाने वाले कई टैक्सी चालक भी गिरोहों के सदस्यों की जानकारी रखते हैं। वह टैक्सी लेकर तैयार रहते हैं। कैरियर के गेट पर पहुंचते ही उसे गाड़ी में बिठाकर भाग लेते हैं। पिछले दिनों प्रयागराज की महिला को टैक्सी से उतारकर जीआरपी ने पकड़ा था।
गली-मोहल्लों में पुड़िया बनाकर बेचा जा रहा
दिल्ली और मथुरा भेजने के साथ ही आगरा में भी गांजा की खपत हो रही है। पिछले छह महीनों में सिकंदरा, कमला नगर, जगदीशपुरा, एत्माद्दौला और छत्ता में पुलिस ने गांजा बेचने वालों को गिरफ्तार किया है। ये घर से ही पुड़िया बनाकर बेच रहे थे।