ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के गांव गांठौली से छह गायों को गाड़ी में लादकर भाग रहे गो-तस्करों को ग्रामीणों ने घेरने की कोशिश की तो वह फायरिंग करते हुए जंगल की तरफ निकल भागे।
इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और गोवर्धन-डीग मार्ग को जाम कर दिया। दो घंटे तक मार्ग जाम रहा। बाद में पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। गो तस्करों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
मथुरा में गो-तस्करी थम नहीं रही है। गोवर्धन थाना क्षेत्र में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के गांव गांठौली से गो-तस्कर 6 गायों को एक गाड़ी में लादकर ले जा रहे थे। मंगलवार की देर रात को करीब तीन बजे कुछ ग्रामीणों को जानकारी लगी तो उन्होंने शोर मचा दिया।
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और गाड़ी के पीछे दौड़ पड़े। गाड़ी सवार लोगों को जब लगा कि वह घिर जाएंगे तो गाड़ी छोड़कर फायरिंग करते हुए भाग निकले।
बताया जाता है कि ग्रामीणों की तरफ से भी लाइसेंसी असलहों से फायरिंग की गई। गो तस्करों के भाग जाने के बाद जब सामुदायिक भवन के पास खड़ी गाड़ी को खोलकर देखा गया तो छोटी सी गाड़ी में चार गायों को ठूंसकर भरा गया था।
जबकि एक गाय गाड़ी के पास रस्सी से बंधी थी और एक पेड़ से बांध रखी थी। इन दोनों को भी गाड़ी में लादने की कोशिश की जा रही थी। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस करीब दो घंटे के बाद पहुंची।
इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह आठ बजे गांव के सामने गोवर्धन-डीग मार्ग को जाम कर दिया। इस व्यस्त मार्ग के जाम होते ही दूर दूर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना पर गोवर्धन थाना प्रभारी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया लेकिन वह नहीं माने और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सीओ गोवर्धन और एसडीएम गोवर्धन ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह से ग्रामीणों को शांत कराया।
गोवर्धन पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा
पुलिस के खिलाफ भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से गो तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस को तत्काल सूचना दे दी गई थी लेकिन पुलिस काफी देर बाद पहुंची।
अगर पुलिस समय से पहुंच जाती तो गो-तस्करों को पकड़ा जा सकता था। ग्रामीणों ने कहा कि वह इस मामले की शिकायत ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से करेंगे।