आगरा। तनाव, फास्ट फूड-धूम्रपान और अधूरी नींद। ये 18-22 की उम्र के छात्र-छात्राओं का भी रक्तचाप बढ़ा रही हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन (एसपीएम) विभाग के शोध में 35.52 फीसदी छात्र प्री और प्रथम स्टेज के हाइपरटेंशन के मरीज मिले हैं।
एसपीएम विभाग ने व्यावसायिक कोर्स में पढ़ाई करने वाले 18-22 साल के 425 छात्र-छात्राओं पर शोध किया। ये शोध दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 तक चला। इसमें रक्तचाप, डाइट, नींद, तनाव, धूम्रपान-शराब, बीएमआई छह बिंदुओं पर चरणबद्ध रिपोर्ट तैयार की गई। इसमें 151 का रक्तचाप सामान्य से बढ़ा हुआ मिला। इसमें 144 प्री-हाइपरटेंशन (135-140/84-90) एमएमएचजी और सात छात्रों में प्रथम स्टेज का हाइपरटेंशन (140-160/90-100) एमएमएचजी मिला। 425 में से 160 में धूम्रपान-शराब या दोनों का शौक मिला। 85 छात्र दिन में एक बार फास्ट फूड या पैकेट बंद सामग्री जरूर खाते थे। 30 छात्रों में हाइपरटेंशन की पारिवारिक हिस्ट्री थी। 115 देर तक जागते और छह घंटे से कम नींद लेते थे। 105 में अंक, कॅरिअर, पैकेज समेत अन्य वजहाें से तनाव मिला।
टहलने और पौष्टिक भोजन से ठीक हुआ मर्ज
- एसपीएम विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया कि स्वस्थ दिनचर्या-खानपान से ये बीमारी ठीक हो गई। शोध में प्री-हाइपरटेंशन के 144 में से 108 छात्र और हाइपरटेंशन के सात मरीजों में से छह ठीक हुए। लापरवाह बने रहने से मर्ज बढ़ जाता।
छात्राओं में मिला हाइपरटेंशन
- शोधार्थी डॉ. दिव्या गोपाल ने बताया कि 144 में से प्री-हाइपरटेंशन की 47 छात्राएं मिलीं। हाइपरटेंशन के 7 मरीजों में से एक छात्रा रही। खराब आदतों को नहीं सुधारने से युवाओं में हृदय रोग, मधुमेह का भी खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
इनका रखें ध्यान:
- फास्टफूड-पैकेट बंद खाने पीने की सामग्री से बचें।
- रोजाना सांस फूलने तक तेज गति से चलें।
- खाने पीने में 3-5 ग्राम नमक ही रोजाना लें।
- 24 घंटे में 700 ग्राम सलाद, सब्जी, फल खाएं।
- धूम्रपान-शराब से बचें, स्वस्थ 8 घंटे की नींद लें।
- भोजन की मेज पर डिब्बी में नमक भरकर नहीं रखें।
- रक्तचाप 120/80 से बार-बार बढ़ा मिले तो डॉक्टर को दिखाएं।
रेनू और दिव्या।