मैनपुरी। कोरोना संक्रमण के बाद अब जिला कारागार एक ओर बीमारी की चपेट में आ गया है। चर्म रोग बंदियों के लिए मुसीबत बन गया है। कारागार प्रशासन ने विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराने के लिए सीएमएस को पत्र भेजा है।
जिला कारागार में कोरोना संक्रमण फैलने से कई बंदी संक्रमित हो गए थे। बमुश्किल संक्रमण पर किसी तरह जिला कारागार प्रशासन ने काबू पाया। अब चर्म रोग बंदियों में फैल रहा है। 400 बंदियों को यह समस्या हो गई है। हाल ये है कि जिला कारागार स्थित अस्पताल में रोजाना औसतन 30 मरीज चर्म रोग से पीड़ित पहुंच रहे हैं।
उपचार के बाद भी उन्हें कोई आराम नहीं हो रहा है। उल्टा ये रोग लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे परेशान जिला कारागार प्रशासन ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय को पत्र भेजा है। उन्होंने बंदियों के रोग को देखते हुए चर्म रोग विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजने की मांग की है, ताकि बंदियों का उपचार कराया जा सके।
त्वचा रोग विशेषज्ञ को किया नामित
जिला कारागार प्रशासन का पत्र प्राप्त होने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सागर ने जिला अस्पताल में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरांग गुप्ता को जिला कारागार में चर्म रोग से पीड़ित मरीजों का उपचार करने के आदेश दिए हैं।
आसान नहीं होगा रोग पर नियंत्रण
जिला कारागार में फैले चर्म रोग को नियंत्रित कर पाना जिला कारागार प्रशासन और चिकित्सकों के लिए आसान नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार चर्म रोग कपड़ों में छिपे बैक्टीरिया से फैलता रहता है। इसके लिए पूरे जिला कारागार में उपयोग किए जाने वाले बिस्तर और कंबल को धोने के साथ ही धूप में सुखाना होगा। साथ ही बंदियों के कपड़ों की सफाई पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
रोजाना चर्म रोग से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। उपचार के बाद भी उन्हें कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है। इसी के चलते विशेषज्ञ चिकित्सक को भेजने की मांग की गई है, ताकि बंदियों को बेहतर उपचार दिया जा सके।
डॉ. अशोक कुमार, चिकित्साधिकारी जिला कारागार।