हड्डी रोग विशेषज्ञ के भाई से हुआ था मकान का सौदा
उन्होंने बताया कि इस मकान का सौदा गया प्रसाद पुत्र धनीराम के साथ हुआ है। पूर्व मकान मालिक गया प्रसाद के भाई डॉ. नरेश अग्रवाल हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन थे, जो अपनी पढ़ाई के लिए हड्डीनुमा डमी वस्तुएं रखते थे। जिन पर मार्कर से मार्क के भी निशान लगे हुए मिले हैं।
इसलिए तोड़ा जा रहा था मकान
एक पुश्तैनी मकान को दोबारे से बनवाने के लिए तोड़ा जा रहा था। सोमवार को मजदूर मकान की ऊपरी मंजिल तोड़ रहे थे, तभी वहां से एक लकड़ी का बक्शा मिला। ये बक्शा देखकर मजदूरों को लगा कि हो सकता है इसमें कुछ कीमती सामान हो। मजदूरों ने तत्काल ही इस बक्शे के बारे में पूर्व चेरमैन को जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे पूर्व चेयरमैन और उनके परिवार के लोगों ने जब इस बक्शे को खोला, तो अंदर से मानव कंकाल जैसी हड्डियां मिलीं। ये देख परिवार के लोगों के पसीने छूट गए। जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।