रकाबगंज थाने में बैठे रोहिंग्या मुसलमान
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पुलिस ने आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन से शनिवार की रात 16 रोहिंग्या मुस्लिमों को हिरासत में ले लिया। ये लोग कोलकाता से आए थे और आगरा के रुनकता में पहले से रह रहे मुस्लिम परिवारों से मिलने जा रहे थे।
सभी रोहिंग्या लोगों के पास शरणार्थी कार्ड मिला। इस पर लंबी पूछताछ के बाद रविवार शाम को इन्हें छोड़ दिया गया। इनके कार्ड का सत्यापन कराया जाएगा। तब तक इन्हें रुनकता में ही रहना होगा।
ये लोग पिछले दो-तीन सालों में म्यांमार (बर्मा) के अराकान प्रांत के रहने वाले हैं। दो साल पहले म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश पहुंचे थे। वहां से कोलकाता होते हुए हैदराबाद गए। वहां कुछ दिन रहने के बाद फिर से कोलकाता पहुंचे। वहां कबाड़ का काम कर रहे थे।
महिला और बच्चे भी शामिल
कारोबार अब चल नहीं रहा था। इन्होंने पूछताछ में बताया कि काम की तलाश में ही आगरा आए थे। यहां रुनकता में यूसुफ से मिलने जा रहे थे। यूसुफ समेत कई रोहिंग्या पहले से रुनकता में सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रह रहे हैं।
हिरासत में लिए गए रोहिंग्या में छह पुरुष, पांच महिला, पांच बच्चे हैं। दो पुरुष रुनकता से बुलाए गए। सभी से खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की। इनमें यूनिस, समीम, सलीम, ममता, वावुलुद्दीन, कुलामियां और अब्दुल करीम शामिल हैं।
सीओ सदर उदयराज सिंह ने बताया कि सभी को फिलहाल छोड़ दिया गया है। इनके पास मिले रिफ्यूजी (शरणार्थी) कार्ड का सत्यापन कराया जाएगा। यह कार्ड संस्था यूनाइटेड नेशन कमीशन फॉर रिफ्यूजी ने जारी किया है। कार्ड 2019 तक के लिए मान्य हैं।