आगरा। शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद भी कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) के विदेशी भाषा विभाग को विषय विशेषज्ञ नहीं मिल पाए हैं। बाकी जिन संस्थानों में शिक्षकों की कमी है, वह भी विषय विशेषज्ञ मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस कारण इनमें पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छह जनवरी को कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। इसमें विषय विशेषज्ञ नामित किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने दीक्षांत समारोह से पहले ही विदेशी भाषा में प्रवेश लेने वाले छात्रों को आश्वस्त किया था कि उनका नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। एबीवीपी के छात्र नेता गीतम सिसौदिया का कहना है कि विदेशी भाषा के सभी पाठ्यक्रमों और फार्मेसी के डी. फार्मा व फार्म डी. पाठ्यक्रमों में शिक्षक न मिलने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संगठन को आंदोलन के बाध्य होना पड़ेगा।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि छह जनवरी को कार्य परिषद की बैठक प्रस्तावित है। इसमें फ्रेंच भाषा में पढ़ाने के लिए तीन और रशियन भाषा में दो विषय विशेषज्ञों को नामित किया जाना है। इसके अलावा स्कूल ऑफ लाइफ साइंस में जंतु विज्ञान में रिक्त तीन स्थायी पदों के सापेक्ष अस्थायी रूप से दो विषय विशेषज्ञ पर्यावरण विज्ञान विभाग में सत्र 2021-22 के लिए नामित करने पर विचार किया जाएगा।
आगरा। कार्य परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारियों के नियमानुसार विनियमितीकरण पर भी विचार किया जाएगा। गत माह कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय में धरना दिया था। विनियमितीकरण के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया था।