आगरा में ताजमहल से खंदारी तक 6 किमी लंबी सुरंग तैयार हो गई है। जिसमें दिसंबर तक भूमिगत मेट्रो दौड़ेगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) यमुना ने मंगलवार को आगरा कॉलेज से मन:कामेश्वर तक खुदाई कार्य पूरा कर लिया। दूसरी सुरंग भी अगले सप्ताह तक तैयार हो सकती है।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट में दो कॉरिडोर हैं। पहला कॉरिडोर सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक करीब 14 किमी. लंबा है। जिसमें 13 स्टेशन बनेंगे। छह एलिवेटिड व सात भूमिगत स्टेशन होंगे। पहले कॉरिडोर में दो टीबीएम मशीनों से दोहरी सुरंग खोदी गई है। पहले चरण में ताजमहल, आगरा किला व रामलीला मैदान तक सुरंग बनाई।
दूसरे चरण में टीबीएम यमुना को आगरा कॉलेज से लांच किया गया था। एसएन मेडिकल कॉलेज होते हुए मंगलवार को टीबीएम ने मन:कामेश्वर तक सुरंग निर्माण पूरा कर लिया। इसके समानांतर दूसरी सुंरग की खुदाई में दो टीबीएम कार्य कर रही है। जिनका काम अगले सप्ताह तक पूरा हो सकता है।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के अनुसार पहले कॉरिडोर की अप लाइन टनल की खुदाई पूरी हो चुकी है। इस कार्य में करीब 10 महीने का समय लगा। इतने बड़े प्रोजेक्ट में एक भी दुर्घटना नहीं घटी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसीएल) ने टनल निर्माण के उच्च मानक स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि ताज पूर्वी गेट से आईएसबीटी तक दिसंबर तक मेट्रो संचालन शुरू हो जाएगा। भूमिगत मेट्रो की सुरंग का व्यास 5.8 मीटर है। जबकि टीबीएम 6.6 मीटर व्यास में खुदाई करती है। खुदाई के बाद मिट्टी को धंसने से रोकने के लिए सुरंग में कंक्रीट की रिंग लगाई जाती हैं। आगरा कॉलेज से मन:कामेश्वर तक 4200 रिंग लगाई गई हैं।