आगरा जनपद के ब्लॉक बिचपुरी के गांव नानपुर में छह परिवारों ने गुपचुप तरीके से अपना धर्म बदल लिया। वह उसी के अनुरूप व्यवहार भी करने लगे। इसका पता तब चला जब रामभक्त अयोध्या के पूजित अक्षत को घर-घर बांटते समय इनके घरों पर भी पहुंचे। पता चलते ही गांव में पंचायत बुलाई गई। इस पर विचार किया गया कि आखिर इन परिवारों ने धर्म क्यों बदला, अब इनकी घर वापसी कैसे की जाए। सर्वसम्मति से परिवारों को बैठाकर समझाने पर सहमति बनी है।
नानपुर गांव में अनुसूचित जाति के छह परिवारों ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया है। शनिवार शाम को ग्राम प्रधान उदय सिंह अपने साथियों के साथ अयोध्या से आए पूजित अक्षत लेकर उसका घर-घर वितरण कर रहे थे। इन परिवार के लोगों ने अक्षत लेने से इन्कार कर दिया। इस पर ग्राम प्रधान उदय सिंह ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी।
आनन-फानन रविवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। पता चलने पर पंचायत में आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। प्रधान ने पंचायत में कहा कि गांव के 6 परिवारों के करीब 30 लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। उन्होंने धर्मांतरण क्यों किया है इसकी जानकारी अभी नहीं हुई है। भाजपा नेता रवि चौधरी ने कहा कि पूजित अक्षत देने लोग न पहुंचते तो यह पता भी न चल पाता।
सभी लोगों में पंचायत में सहमति बनी कि धर्मांतरण करने वाले परिवारों की घर वापसी कराई जाएगी। इसके लिए उन्हें बैठाकर समझाया जाएगा। पंचायत में आरएसएस के खंड कार्यवाह बिचपुरी मनोज कुमार, आशीष शर्मा पथौली, राष्ट्रीय भगवा ए हिंद भारत संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवींद्र सिंह, लक्ष्मणदास, घूरेलाल, लोकेंद्र, मोहन सिंह, इंदल सिंह, नंदकिशोर, करतार सिंह, कलुआ सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्राम प्रधान उदय सिंह का कहना है कि वह खुद भी सभी परिवारों से बात करेंगे। उन्होंने किसी के बहकावे या लालच में धर्म बदला है तो समझा बुझाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करेंगे।