हादसे में मृत लोगों के परिजन एसएन मेडिकल कॉलेज पोस्टमार्टम गृह के पास विलाप करते हुए
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तहसील रोड (थाना नाई की मंडी) पर मंगलवार रात को हुए हादसे के एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिए। इससे हादसे में मरने वालों की संख्या छह हो गई।
वहीं चार घायलों का एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में इलाज चल रहा है। आरोपी मेटाडोर के चालक को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कोलारा कलां, कुंडौल, डौकी निवासी देवीराम (32) के राज नगर, लोहामंडी निवासी साले विकास की मंगलवार को मंटोला में सगाई थी। इसमें देवीराम परिवार सहित गए थे। रात तकरीबन 11 बजे ई-रिक्शा से लोहामंडी जा रहे थे। तहसील रोड पर मेटाडोर ने टक्कर मार दी थी।
हादसे में देवीराम, उसकी पत्नी ऊषा देवी, बेटा राजाबाबू (7), पुष्पा पत्नी विशन माहौर (निवासी गली रंग रेजान, राजामंडी) और ई रिक्शा चालक अन्नू की मौत हो गई थी।
देवीराम के बेटे पवन (10), छोटू (5), देवीराम के भाई कुंवर सिंह की बेटी पिंकी (18), देवीराम के साढ़ू धीरज (35) पुत्र रामजीलाल (निवासी राहुल नगर, बोदला) और उसकी पत्नी नैना उर्फ भारती घायल हो गए थे। देर रात धीरज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे के मामले में देवीराम की भतीजी पिंकी की तहरीर पर धारा 279, 337, 338, 304, 427 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक विक्रम (28) निवासी हज्जूपुरा, ताजगंज को जेल भेज दिया।
हादसे में कोलारा कला, डौकी निवासी देवीराम, उसकी पत्नी ऊषा और बेटे राजाबाबू (सात वर्ष) की मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। तीन अर्थियां एक साथ उठी तो हर किसी की आंख नम हो गई।
परिजनों ने बताया कि देवीराम साइकिल पर बच्चों के खाने का सामान बेचता था। अब देवीराम के घर में दो बेटे पवन, छोटू और बेटी प्रीति बची हैं। उनका कोई और सहारा नहीं है। देवीराम के दो भाई और हैं। वह मजदूरी करते हैं। पिता और मां वृद्ध हैं।
घायल हुई पिंकी ने परिजनों को बताया कि सामने से मेटाडोर आ रही थी। अचानक मेटाडोर ने रिक्शा में टक्कर मार दी। हादसे के बाद तेज धमाका हुआ और सभी लोग सड़क पर बिखर गए। किसी को होश नहीं रहा। होश आया तो अस्पताल में थे। पिंकी जब घटना के बारे में सोचती है तो सहम जाती है।