आगरा। युवक की हत्या के मामले में आरोपियों की निशान देही पर पुलिस ने आला कत्ल के रूप में बेस बॉल का डंडा बरामद किया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में डंडे पर मृतक का खून नहीं मिला। कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं था। एडीजे-4 ज्ञानेंद्र राव ने ठोस साक्ष्य के अभाव में मलपुरा थाना क्षेत्र के सैथिया स्टेट कॉलोनी निवासी मृतक की पत्नी जया चाहर, नैनाना जाट निवासी जुगनू उर्फ शिवकुमार, सुरेंद्र चाहर, रोहित, अतुल शर्मा और गढ़मुक्खा निवासी सोनू को बरी कर दिया।
थाना मलपुरा में 15 जून 2024 को उप निरीक्षक रमित कुमार आर्य ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था रोहता नहर के पास शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो मृतक के कपड़ो से मिले मोबाइल और दस्तावेज से शव की पहचान गाजियाबाद के नगला नगोला अमीर पुर निवासी ब्रजवीर के रूप में हुई। मृतक के परिजन ने थाने पर आने से मना कर दिया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरु की। घटना के दो महीने बाद मृतक के भतीजे सौरभ चौधरी ने आरोप लगाया कि चाचा ब्रजवीर ने अपनी मर्जी से जया चाहर से शादी की थी। जिससे उन्हें एक बेटा हुआ था। चाचा अपने बेटे और चाची के साथ आगरा रहने लगे। चाची ने सुरेंद्र चाहर व अन्य के साथ मिलकर चाचा की हत्या कर दी। पुलिस ने जया चाहर, सुरेंद्र सिंह चाहर, जुगनू उर्फ शिव कुमार, अतुल शर्मा, सोनू उर्फ सोनवीर, रोहित उर्फ राजा को हिरासत में लिया। उनकी निशान देही पर आला कत्ल बेस बॉल का डंडा बरामद कर कोर्ट में पेश किया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में आला कत्ल पर मृतक का खून नहीं मिला। संवाद