उत्तर प्रदेश के आगरा में आईएमए और एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। क्लीनिक, लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर बंद रहे। खून की जांचें, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, एमआरआई भी नहीं हुई। पूरे दिन मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। घंटों इंतजार के बाद भी इलाज नहीं मिला। एक लाख से अधिक मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। एसएन में जूनियर डॉक्टर रविवार को भी हड़ताल पर रहेंगे।
कोलकाता में डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के विरोध में आईएमए ने भी शनिवार को हड़ताल कर दी। डॉक्टरों ने सुबह से ही क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर बंद रखे। मरीज नहीं देखे और रक्त संबंधी या किसी तरह की अन्य जांच नहीं की।
एसएन में हालात बदतर हो गए। ओपीडी में से मरीजों को बाहर कर ताला लगा दिया गया। घंटों इंतजार के बाद भी इलाज नहीं मिला तो निजी डॉक्टरों के यहां गए, वहां भी क्लीनिक बंद मिले। इससे मरीजों को भारी परेशानी हुई। इधर-उधर भटकने पर भी इलाज नहीं मिलने पर मरीज घर लौट गए।
आईएमए के सचिव डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि जिले में करीब 3500 चिकित्सक हैं और औसतन एक चिकित्सक 24 घंटे में 30 से अधिक मरीज देखता है। ऐसे में एक दिन में एक लाख से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं। हड़ताल से इनको इलाज नहीं मिला, इमरजेंसी सेवाएं संचालित होने से गंभीर मरीजों को कोई दिक्कत नहीं हुई।
सुबह मानव शृंखला, शाम को कैंडल मार्च
कोलकाता कांड के विरोध में सुबह एमजी रोड पर मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इसमें चिकित्सक, छात्र-छात्राएं, सामाजिक लोग और धर्मगुरु शामिल हुए। एमजी रोड पर रैली निकाली गई। शाम को शहीद स्मारक पर मोमबत्ती जलाकर मृतका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
होम्योपैथिक, फिजियोथेरेपिस्ट ने भी दिया समर्थन
आईएमए की हड़ताल को होम्योपैथिक चिकित्सक और फिजियोथेरेपिस्ट ने भी समर्थन दिया। होम्योपैथिक कांग्रेस सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद सारस्वत ने कहा कि डाॅक्टर की हत्या और बलात्कार के दोषियों को सख्त सजा मिले। आगरा फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. अतुल शर्मा ने बताया कि आईएमए की हड़ताल में फिजियोथेरेपिस्ट शामिल रहे। करीब 250 फिजियोथेरेपिस्ट ने ओपीडी नहीं की।
मिले 10 करोड़ रुपये मुआवजा
आईएमए के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट में एडीएम प्रोटोकॉल को ज्ञापन दिया। इसमें अराजकता पर पश्चिम बंगाल सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने, मृतक चिकित्सक के परिजन को 10 करोड़ रुपये मुआवजा और चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीवी शर्मा, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. पंकज नगायच मौजूद रहे।
आंकड़े एक नजर में...
- आगरा में 3500 चिकित्सक हैं।
- 543 अस्पताल पंजीकृत हैं।
- 524 क्लीनिक हैं।
- 170 पैथोलॉजी लैब हैं।
- 165 रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर हैं।