डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के चर्चित मार्कशीट घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने उप कुलपति को खत भेजकर पूछा है कि घोटालेबाजों पर अभी तक क्या कार्रवाई की गई? इस सवाल के साथ लगे एक हलफनामे ने विवि के कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक की धड़कन बढ़ा दी है। क्योंकि यह हलफनामा नौ फरवरी 2013 को तत्कालीन उप कुलपति डीएन जौहर ने हाईकोर्ट में दिया था। इसमें कहा था कि विवि के कई कर्मचारी मार्कशीट घोटाले में शामिल हैं, उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई कर अवगत कराया जाएगा। एसआईटी विवि का जवाब मिलते ही उसे हाईकोर्ट के सामने रखेगी।
विवि के अफसरों की घेराबंदी के लिए एसआईटी ने राज्यपाल और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को भी खत लिखा है। इसमें मार्कशीट घोटाले का ब्योरा देने के साथ ही यह भी बताया है कि आरोपियों को किस तरह बचाया जा रहा है। केस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। दबिश से पहले एसआईटी यह लिखा-पढ़ी कर रही है कि आरोपियों को कहीं से कोई राहत न मिल पाए।
रजिस्ट्रार केएन सिंह का कहना है कि इस मामले में एसआईटी की जांच के चलते विवि अपने स्तर से कार्रवाई कैसे करा सकता है। एसआईटी जांच में सहयोग किया जा रहा है। अगर आरोपियों पर कोर्ट में आरोप तय हो जाते हैं, तो उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा।