कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा की जड़ बताई जा रही बड्डू नगर की नारेबाजी की जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने शुरू कर दी है। हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता के परिवारीजनों और दोस्तों का आरोप है कि वहां दूसरे समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे।
इसी पर झड़प हुई थी। एसआईटी ने इसकी हकीकत पता लगाने के लिए मौके के सीसीटीवी फुटेज थाना पुलिस से ले लिए हैं। इनमें सिर्फ शोर सुनाई दे रहा है। ऐसे में पूरी जांच लोगों के बयान पर चलेगी।
एसआईटी का इंचार्ज एटा के एसपी क्राइम को बनाया गया है। जांच में और भी बिन्दू शामिल किए गए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि हिंसा के पीछे कोई साजिश तो नहीं है। इसका कारण यह है कि हिंसा एक साथ कई जगह हुई। कहीं पथराव तो कहीं फायरिंग। ऐसे लग रहा है कि जैसे कुछ लोग पहले से तैयार बैठे थे।
S.i.t (special Investigation Team)
कुछ घरों में हथियार भी जमा कर लिए गए थे। इससे भी यही लग रहा है कि हिंसा सुनियोजित ढंग से की गई। एसआईटी उपद्रवियों की सूची भी बनाएगी। साथ ही यह रिपोर्ट भी देगी कि उपद्रवियों को किसी का संरक्षण को नहीं है।
ऐसे आरोप लग रहे हैं कि चंदन के हत्यारोपियों को कुछ स्थानीय नेताओं का संरक्षण है। मुख्य हत्यारोपी वसीम जावेद भी अभी तक नहीं पकड़ा जा सका है। उसके घर से पिस्टल और देसी बम मिले थे।
जांच में सबसे अहम बिंदू ही है कि पाकिस्तान के नारे लगे या नहीं। आरोपी बताए जा रहे पक्ष के लोगों का कहना है कि वहां पाकिस्तान के नारे नहीं लगे थे।
मुस्लिम बुद्धीजीवियों में जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना इनाम अहमद और एक मीनार मस्जिद के पेश इमाम कारी मुअब्बे अली पहले ही कह चुके हैं कि पाकिस्तान के नारे लगाए जाने की बात सरासर झूठी है।
बन रही ये सूची
बस में लगाई अाग
- फोटो : ANI
प्रशासन यह सूची भी तैयार कर रहा है कि हिंसा में किसका कितना नुकसान हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह रिपोर्ट दी जाएगी कि हिंसा की आग में एक एंबुलेंस जला दी गई। एक बस भी जलाई गई थी। इनके अलावा कई घरों में आग लगाई गई।
कई खोखे भी फूंक दिए गए। आगजनी का एक केस पुलिस की ओर से दर्ज किया गया है। इसी में आगजनी की तमाम घटनाओं को जोड़ा जा रहा है। यह केस अज्ञात में है। पुलिस का कहना है कि सबसे ज्यादा गिरफ्तारी इसी में की जाएंगी।
एडीजी जोन अजय आनंद ने बताया कि एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। जल्द ही तमाम बिन्दुओं पर रिपोर्ट दे दी जाएगी। इसमें साफ हो जाएगा कि घटना की वजह क्या रही। अभी कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है -
सांप्रदायिक हिंसा की मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई जा रही है। इसका जांच अधिकारी एसडीएम सदर कासगंज को बनाया गया है। वह लोगों को बयान दर्ज करेंगे। जल्द ही जांच शुरू हो जाएगी।