फर्जी बैनामा कांड में एसआईटी को रोज नई शिकायतें मिल रहीं हैं। अब तक 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं हैं, जिनमें तीन में जल्द एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, अब गिरोह के सदस्यों की तलाश भी एसआईटी ने तेज कर दी है।
आगरा के तहसील सदर में कर्मचारियों के साथ मिलकर भूमाफिया का एक गिरोह फर्जी बैनामे कर बेशकीमती जमीनें हड़प रहा था। सदर तहसील में फर्जी बैनामे का खुलासा होने के बाद एसआईटी जांच में लगी है। इसे रोज हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से शिकायतें मिल रही हैं।
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एसआईटी ने बाबा मुंशीदास की 300 करोड़ रुपये की फर्जी वसीयत बनाने वालों को बेनकाब कर जेल भेजा था। अब 25 नई शिकायतें मिली हैं। तीन मामलों में जल्द ही एफआईआर कराई जाएगी। सदर तहसील के साथ ही बाह सहित अन्य तहसीलों से भी फर्जी बैनामों की शिकायतें हैं। अब तक 100 से अधिक शिकायतों की जांच हो चुकी है।
इंदिरापुरम में रहने वाले मास्टर माइंड प्रशांत शर्मा, ताजगंज के राजीव नगर निवासी अजय सिसौदिया ने बड़े पैमाने पर फर्जी बैनामे और पट्टे फर्जी तरीके से आवंटित कराए हैं। दोनों के विरुद्ध एसआईटी को काफी साक्ष्य मिले हैं। हर तीसरी शिकायत में दोनों का नाम सामने आ रहा है। इससे साफ है कि दोनों भूमाफिया का दायरा काफी बड़ा था। वह केवल सदर तहसील तक ही सीमित नहीं थे।
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ताजगंज के अभिषेक अवस्थी की 50 करोड़ रुपये की जमीन के फर्जी बैनामा कराने में भी दोनों आरोपी निकले हैं। एसआईटी के हेल्पलाइन नंबर पर आए दिन शिकायतें आ रही हैं। विधिवत जांच के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। पिछले दिनों एसआईटी ने मुंशी से वकील बने गुरु कपूर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गुरु कपूर ने भी फर्जी बैनामे से अपनी स्थिति को बदला।
एसआईटी को अब गुरु कपूर के साथियों की तलाश है। गुरु कपूर की गिरफ्तारी के बाद उसके गिरोह के अन्य सदस्य भूमिगत हो गए हैं। एसआईटी प्रभारी एसीपी विनायक भोंसले का कहना है कि रोजाना नई शिकायतें आ रही हैं। 25 नए मामलों की जांच फिर से की जा रही है। तीन मामलों में साक्ष्य मिले हैं, जिनमें केस दर्ज किए जाएंगे।