फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज में भाई को लिटाकर बहन ने खींचा स्ट्रेचर, खिसक-खिसक कर गए मरीज

Wed, 23 Feb 2022 04:28 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को आउटसोर्स कर्मचारियों के घंटे भर के कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों का खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 
विज्ञापन
स्ट्रेचर पर भाई को बैठाकर धक्का देती बहन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्स कर्मचारियों के घंटे भर के कार्य बहिष्कार से मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। बीमार भाई को लिटाकर बहन ने खुद स्ट्रेचर खींचा। दिव्यांग मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत अधिक हुई। वह खिसक-खिसक जैसे-तैसे करके डॉक्टरों के चैंबर तक पहुंचे। 

विज्ञापन


एसएन मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्स कर्मचारी और एनएचएम के कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह साढ़े दस से ग्यारह बजे तक कार्य बहिष्कार किया। इनका आरोप था कि कोविड और नॉन कोविड मरीजों के इलाज में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। एकजुट होकर ये प्राचार्य कार्यालय पहुंचे, यहां प्राचार्य नहीं मिले। बताया कि किसी बैठक में शामिल हैं। बाद में प्राचार्य से वार्ता हुई है। 

वेतन के संबंध में सीएमओ से बात की है- प्राचार्य

प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि एनएचएम के जरिये सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के वेतन के लिए सीएमओ से बात की है, उन्होंने जल्द वेतन जारी करवाने को कहा है। आउट सोर्स कर्मचारियों का जनवरी महीने का वेतन बाकी है, इसका भी भुगतान होगा। इस बाबत कर्मचारियों से बात भी हो गई है। 

Trending Videos
विज्ञापन

व्हीलचेयर नहीं मिली तो खिसक-खिसक गया मरीज - फोटो : अमर उजाला

दृश्य एक: रैंप पर स्ट्रेचर खींचने में हुई परेशानी 

उजरई निवासी रश्मि ने बताया कि उनके भाई अनिल कुमार के पैर में फ्रैक्चर हो गया है। ऑटो से ओपीडी में लाए, तो गेट पर कोई वार्ड ब्वाय मदद के लिए नहीं आया। स्ट्रेचर खींचकर लाई और बमुश्किल डॉक्टर के पास लेकर गई। रैंप पर चढ़ाने में परेशानी होने पर अन्य तीमारदार ने मदद की। 

दृश्य दो: व्हीलचेयर नहीं मिली तो खिसक-खिसक कर गए

शमसाबाद से आए नेत्रपाल सिंह ने बताया कि उनको छाती-पेट में दर्द की परेशानी है। ओपीडी में दिखाने के लिए आया। दिव्यांग होने के कारण चल-फिर नहीं पाता। गेट पर व्हीलचेयर भी नहीं मिली। ऐसे में जमीन पर धीरे-धीरे खिसक-खिसक कर पर्चा बनवाया और डॉक्टर को दिखाया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें