आगरा में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने ताजनगरी में सीरो टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को आगरा पहुंचे अपर मुख्य सचिव ने संभावना जताई है कि यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग हो सकते हैं, जो संक्रमित हुए लेकिन लक्षण नहीं आए और फिर ठीक भी हो गए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आगरा के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। एक तरफ अन्य जिलों में संक्रमण की दर तेज हुई है जबकि यहां घटी है। उन्होंने डीएम प्रभु एन सिंह से कंटेनमेंट प्लान मांगा है। डीएम ने उन्हें बताया कि हर वर्ग, क्षेत्र व समुदाय के लोगों की सैंपलिंग की गई है। पहले की तुलना में पॉजिटिव केस कम मिले हैं।
अपर मुख्य सचिव ने कहा हो सकता है कि लोग संक्रमित होकर बगैर उपचार के ठीक हो रहे हों। अगर ऐसा हो रहा है तो उनमें एंटीबॉडी बननी चाहिए। इसकी जांच सीरो सर्वे से कराई जाए। सीरो टेस्ट से ऐसे लोगों की पहचान की जा सकती है। यूपी में आगरा पहला जिला है, जहां ये टेस्ट होंगे।
80 फीसदी संक्रमितों में लक्षण नहीं : संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया 80 प्रतिशत संक्रमित ऐसे हैं जिनके कोरोना के लक्षण नहीं मिले। उन्होंने कहा एंटीबॉडी उन्हीं के खून में बनेगी जो कभी संक्रमित हुए होंगे। इससे संक्रमण के सामुदायिक प्रसार का भी पता लगाया जा सकेगा।
धारावी मॉडल पर दी जाएं नई दवाएं
अपर मुख्य सचिव ने मुंबई के धारावी मॉडल की तर्ज पर नई दवाओं से मरीजों का इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारावी में कृमिनाशक व कीटनाशक दवाओं के इस्तेमाल से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एसएन प्राचार्य ने बताया 15 दिन में 12 मिलीग्राम आइरविक्टीन दवा की डोज हमने हेल्थ वर्कर्स के लिए शुरू की है।
क्या है सीरो टेस्ट
सीरो सर्विलांस टेस्ट में खून का नमूना लेकर उसमें एंटीबॉडी की जांच होती है। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया अगर कोई संक्रमित हुआ हो और उसे पता न चला हो तो भी उसके शरीर में एंडीबॉडी विकिसित हो गई होगी। सीरो टेस्ट से इसकी जानकारी मिल जाएगी।
हम पहले से छठवें नंबर पर आए
डीएम ने बताया कि संक्रमण की दृष्टि से आगरा प्रदेश में छठवें नंबर पर है। दो माह पहले यहां सबसे ज्यादा मरीज थे। मीटिंग में कमिश्नर अनिल कुमार, एसएसपी बबलू कुमार, सीडीओ जे रीभा, एडी हैल्थ एके सिंह, आगरा व फिरोजाबाद सीएमओ व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।