बृहस्पतिवार तक 7.64 लाख में 5.25 लाख मतदाताओं के नोटिस प्रिंट हो चुके थे जिनमें 2.40 लाख नोटिस मतदाताओं के घर पहुंच चुके हैं। इनमें 75 हजार मतदाता ही दस्तावेज लेकर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए पेश हुए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि बड़े पैमाने पर गणना प्रपत्रों की जांच में तार्किक विसंगतियां सामने आई हैं। कहीं पिता और पुत्र की उम्र में 15 साल से कम अंतर है तो कहीं दोनों की उम्र में 50 साल से अधिक।
इसके अलावा बड़ी संख्या में मतदाताओं ने माता-पिता का नाम तक गलत लिखा है। अंग्रेजी की स्पेलिंग में भारी गलतियां हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को अनमैप्ड मतदाताओं की तरह नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिता और पुत्र की उम्र में 15 साल से कम और 50 साल से अधिक उम्र का अंतर नहीं हो सकता। इसी तरह पौत्र और दादा की उम्र में भी 40 साल से कम अंतर देखने को नहीं मिलता। यह सिर्फ प्रपत्रों को भरते समय बरती गई लापरवाही का नतीजा है।
आज मतदाता बनने का आखिरी मौका
जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद बंगारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम सूची से कट गए हैं या जिनके फॉर्म में त्रुटियां हैं, उनके पास खुद को वोटर बनाए रखने का शुक्रवार को अंतिम अवसर है। प्रभावित मतदाताओं को फॉर्म-6 भरकर आवेदन करना होगा। वहीं, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष 26 फरवरी तक नोटिस मिलने वाले मतदाताओं को दस्तावेजों के साथ जवाब दाखिल करना होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर नोटिस का जवाब और सही साक्ष्य नहीं दिए गए, तो लाखों मतदाताओं को आगामी चुनावों में मताधिकार से वंचित रहना पड़ सकता है।