ताज महोत्सव में बाॅलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका मधुबंती बागची के सुरों का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देर रात तक श्रोताओं को अपनी जगह थिरकने पर मजबूर करती रही।
आगरा के ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच पर बुधवार की रात सुर और भक्ति का अनूठा संगम हुआ। खचाखच भरे पंडाल में उस वक्त उत्साह चरम पर पहुंच गया जब बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका और संगीतकार मधुबंती बागची ने मंच संभाला।
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कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शिव तांडव स्रोत रहा। जैसे ही मधुवंती ने चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्... के स्वर छेड़े, दर्शक भक्तिभाव में सराबोर होकर झूमने लगे। इसके पश्चात उन्होंने जय जय महिषासुर मर्दनी... के साथ दर्शकों में जबरदस्त जोश भर दिया।
मधुबंती ने अपनी बहुमुखी गायकी का परिचय देते हुए बॉलीवुड और बंगाली सिनेमा के कई लोकप्रिय गीत पेश किए। उन्होंने आज की रात...,बर्बादियां...और इश्क है...जैसे गीतों से महफिल लूट ली। अंत में शास्त्रीय पुट वाले गीत हमारी अटरिया पे...की प्रस्तुति ने समां बांध दिया। रात 9:30 बजे से शुरू हुई यह सुरीली शाम देर रात तक श्रोताओं को अपनी जगह थिरकने पर मजबूर करती रही।