सिंधी समाज के लोगों का कहना है कि अनुमति में देरी के कारण भवन ढह गया। अगर समय पर अनुमति दे देते तो यह हादसा नहीं होता। दो दिन पहले ही महोत्सव खत्म हुआ है। तब यह हादसा होता तो दर्जनों लोग शिकार हो सकते थे।
आगरा के ताजगंज थाने के सामने श्री झूलेलाल मंदिर भवन का हिस्सा गिरने से समाज के लोगों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को समाज के लोगों ने काले झंडे दिखाकर ताजगंज स्थित मंदिर परिसर में धरना दिया। उन्होंने मंडलायुक्त और एएसआई से भवन के पुनर्निर्माण की अनुमति देने की मांग की। सिंधी समाज ने कहा कि मरम्मत की अनुमति न मिली तो बाकी बचा हिस्सा भी ढह जाएगा।
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सिंधी समाज के धरने में श्याम भोजवानी ने कहा कि जर्जर भवन की मरम्मत की तीन माह से अनुमति मांगी जा रही है। अनुमति में देरी के कारण भवन ढह गया। अगर समय पर अनुमति दे देते तो यह हादसा नहीं होता। दो दिन पहले ही महोत्सव खत्म हुआ है। तब यह हादसा होता तो दर्जनों लोग शिकार हो सकते थे।
श्री झूलेलाल मंदिर, ताजगंज के अध्यक्ष शंकरलाल आसवानी एवं सचिव प्रदीप दीवान ने कहा कि भवन का एक हिस्सा गिर चुका है और दूसरा हिस्सा भी खतरनाक स्थिति में है। इसकी मरम्मत न की गई तो यह भी भरभराकर गिर सकता है। उन्होंने प्रशासन से जर्जर भवन के शेष हिस्से की तत्काल सुरक्षा जांच कराने, सुरक्षात्मक उपाय करने, मंदिर में जरूरी मरम्मत व निर्माण कार्य करने की अनुमति देने की मांग की। इस दौरान ग्रंथी जोगेन्दर सिंह, द्रोपदी ज्ञानचंदानी, केसर, भावना, पूजा, काव्या, सपना, हरि किशन आडवानी, हरीश मोटवानी, राजू कोठरी, लक्ष्मण दास आदि मौजूद रहे।