नशाखोरी-तनाव से पुरुषों में बढ़ रहा बांझपन
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महिलाओं के साथ अब पुरुषों में भी बांझपन बढ़ता जा रहा है। चिकित्सकों की मानें तो 8-10 फीसदी ऐसे पुरुष हैं। इसका सबसे बड़ा कारण नशाखोरी, तनाव और बिगड़ी दिनचर्या है। होटल मुगल में यूरोलॉजिकल सोसाइटी आफ इंडिया (नार्थ जोन) की तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस में शुक्रवार को चिकित्सकों ने इसके निदान और कारणों पर व्याख्यान दिए। कांफ्रेंस के दूसरे दिन दिल्ली के डा. अजित सक्सेना ने बताया कि अधिकांश पीड़ित कामकाजी हैं। बाहर का खाना, नींद पूरी न होना और खराब फिटनेस है। इसके चलते शुक्राणु कम होते हैं या फिर गुणवत्ता खराब रहती है। इससे बचने के लिए फास्ट फूड से परहेज, आफिस के तनाव को घर न ले जाएं और पौष्टिक भोजन करें, व्यायाम भी जरूरी है।
दूषित पानी से बढ़ रही पथरी-किडनी की परेशानी
दूषित-खारे पानी से किडनी की समस्या लोगों में बढ़ रही है। इसके अलावा पान-गुटका के अत्यधिक इस्तेमाल से पथरी के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कांफ्रेंस संयोजक डा. एमएस अग्रवाल ने बताया कि पथरी होने के बाद अगले पांच वर्षों में 50 फीसदी में इसके दोबारा होने की संभावना रहती है। पथरी के मरीजों को रेड मीट, पान-गुटका के अलावा खारे पानी के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
पथरी के आपरेशन में छेद की जरूरत नहीं
डा. विजय वोरा बताते हैं कि गुर्दे की पथरी के आपरेशन में अब छेद करने की जरूरत नहीं। मूत्र नली के रास्ते से पथरी को बाहर निकाला जा सकता है। को चेयरमैन डा. अनुराग यादव ने बताया कि नीबू-संतरा का उपयोग करने से पथरी की संभावना कम रहती है।