सराफा बाजार में सजी राखियां (फाइल फोटो)
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इस बार भाइयों की कलाई पर चांदी की राखियां नहीं सजेंगी। कोरोना से उपजी परिस्थितियों ने चांदी कारोबार की चमक छीन ली है। इस दौरान 50 करोड़ रुपये का राखी का कारोबार ठप पड़ गया है। दो माह पहले ही काम शुरू हो जाता था, लेकिन इस बार शुरुआत भी नहीं हो सकी। आगरा में बनी चांदी की राखी की दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब आदि में भी सप्लाई की जाती थी।
10 लाख राखियों का होता उत्पादन
चांदी की राखी बनाने वाले करीब 100 निर्माता हैं। 10 लाख राखियों का उत्पादन होता है। औसतन 50 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस बार काम ठप है।
- नितेश अग्रवाल, अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन।
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नहीं बन पा रहा कारोबार का माहौल
कारोबार का माहौल ही नहीं बन पा रहा है। बीते कुछ दिनों से सराफा बाजार बंद पड़ा है। इस बार सीजन खत्म हो गया है।
- मयंक जैन, कारोबारी।