फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: चांदी की पायल पड़ रही काली, भाव बढ़ने के बाद इसलिए फीकी हो रही चमक; खरीदने से पहले जांच कर लें

Mon, 09 Feb 2026 10:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

चांदी की कीमतों के बढ़ते ही इस धातु में मिलावटखोरी भी बढ़ गई है। आलम ये है कि घरेलू कारीगरों पर विश्वास नहीं किया जा रहा है। 
विज्ञापन
चांदी की बनी पायल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चांदी पर भी मिलावट का साया है। पायलों की चमक काली पड़ रही है। कीमतों में आए उछाल के बाद केवल निवेश के समीकरण नहीं बदले, बल्कि शुद्धता के भरोसे पर भी गहरी चोट लगी है। इस उछाल के साथ ही मिलावट और धोखाधड़ी का खेल भी तेज हो गया है। आलम यह है कि बड़े सर्राफा कारोबारी अब छोटे घरेलू कारीगरों को माल देने से कतरा रहे हैं जिससे बाजार में विश्वास का संकट खड़ा हो रहा है।
विज्ञापन


 

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई भारी तेजी ने टंच (शुद्धता) को प्रभावित किया है। शुद्ध चांदी से कम टंच का माल बनाने का खेल मुनाफे का जरिया बन गया है। जहां पहले चांदी की शुद्धता का अंतर चंद रुपयों का होता था, वहीं अब प्रति किलो हजारों रुपये का हेरफेर है। चौबे फाटक स्थित पायल निर्माता तरुन अग्रवाल ने बताया कि ग्राहक माल खरीद से पहले टंच जरूर जांच लें। पिछले छह महीने में चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस वजह से टंच में सेंध लग रही है। मानक के अनुसार चांदी के आभूषणों में 92.5% (स्टरलिंग) या 90% की शुद्धता होनी चाहिए लेकिन जांच में कई जगह यह 30% से 70% तक ही चांदी पाई जा रही है।

ये भी पढ़ें -  UP: रजावत हाउस में चीखें, मातम और बेटे को खोने का दर्द; तेल मिल मालिक की आत्महत्या से बिखर गया पूरा परिवार




 
विज्ञापन

अवैध मुनाफे का गणित
 यदि एक किलो चांदी पर 5% की भी मिलावट की जाए, तो मौजूदा भाव के अनुसार कारोबारी या कारीगर को सीधे 4,000 से 5,000 रुपये का अंतर पड़ता है। जब यह मिलावट 50% से अधिक होती है तो चांदी के भाव में लाखों का अवैध मुनाफा होता है। इस धोखाधड़ी का सीधा असर सहालग में खरीदारी पर पड़ेगा। इससे चांदी को एक सुरक्षित निवेश और लाभकारी मानने वाले लोग खुद को ठगा सा महसूस करते हैं।

ये भी पढ़ें -   UP: विवाहिता मायके क्या गई, ससुराल वालों का बदल गया मन, चार घंटे दरवाजे पर खड़ी रही; घर में नहीं दी एंट्री


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें