फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

34 साल बाद 35 को सजा: गांव ऊदर थोक में पसरा सन्नाटा, दोषियों के परिजन बोले- हाईकोर्ट में करेंगे अपील

Sun, 01 Jun 2025 10:13 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

लोगों का कहना है कि इस कांड में उनके परिजन को बेवजह फंसाया गया है। सजा पाने वाले लोगों में ज्यादातर लोग घटना वाले दिन गांव में मौजूद ही नहीं थे। वहीं मामले में जमानत के लिए विधायक ने प्रपत्र तैयार करके बेटे को इलाहाबाद हाईकोर्ट में भेजा।
विज्ञापन
दोषी करार दिए जाने के बाद गांव में सन्नाटा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में पनवारी कांड में दोषियों को सजा सुनाये जाने के बाद दूसरे दिन भी अकोला के ऊदर थोक में सन्नाटा छाया रहा। 1990 में हुए इस कांड में सत्र न्यायालय ने 35 लोगों को दोषी ठहराया था। शुक्रवार को सभी दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाए जाने के बाद गांव में एक अजीब सी खामोशी छाई हुई है। दोषी ठहराए गए लोगों के परिजन मायूस होकर गांव में पहुंचे, जिससे गांव में सन्नाटा और गहरा गया।
विज्ञापन


शनिवार को अकोला के ऊदर थोक की गलियों में खामोशी व सन्नाटा छाया रहा। गांव की दलित बस्ती के लोग अदालत के फैसले पर बात करने से बचते नजर आये। सजा के दूसरे दिन भी कस्बा के बाजार में चर्चा होती रही। दोषियों के परिजन का कहना है कि इस कांड में उनके परिजन को बेवजह फंसाया गया है। सजा पाने वाले लोगों में ज्यादातर लोग घटना वाले दिन गांव में मौजूद ही नहीं थे। अपनों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। सजा के विरुद्ध हाईकोर्ट में अपील करेंगे। गांव में शांति बनी हुई है।

 
विज्ञापन

विधायक ने जमानत के लिए बेटे को भेजा हाईकोर्ट
पनवारी कांड के दौरान कागारौल में हुई हिंसा के मामले में एससी-एसटी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद 33 आरोपी जेल में हैं। पनवारी कांड में बरी हो चुके विधायक चौधरी बाबूलाल ने शनिवार को जेल में पहुंचकर दोबारा से आरोपियों से मुलाकात की। इसके बाद जमानत के लिए प्रपत्र तैयार करके बेटे को इलाहाबाद हाईकोर्ट में भेजा। कागारौल के नगला ऊदर में बुजुर्गों को सजा होने से जाट समाज में रोष है। बैठकें भी हो रही हैं। वहीं फतेहपुर सीकरी से भाजपा के विधायक चौधरी बाबूलाल ने उनकी हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। 

शनिवार को विधायक कागारौल पहुंचे और दोषियों के परिजन से मिले। इसके बाद परिजन को साथ लेकर जेल पहुंचे। यहां आरोपियों के वकील से केस के कागजात और फैसले की प्रति लेने के बाद उन्होंने अपने बेटे को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए भेजा है। विधायक ने बताया कि उन्होंने परिजन से कहा है कि किसी तरह की चिंता नहीं करें। कुछ लोग बेटे के साथ प्रयागराज गए हैं। जल्द ही इस मामले में दोषियों को जमानत मिल जाएगी, क्योंकि धाराएं गंभीर नहीं हैं। वह प्रभावी पैरवी करेंगे। खर्च भी स्वयं ही उठाएंगे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें