सोरों। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानकदेव का 550वां प्रकाश दिवस और गुरु हरगोविंद साहिब के पवित्र स्थान का 83वां प्रकाशोत्सव तीर्थनगरी के हरिपदी किनारे स्थित गुरुद्वारे में धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारे से सोमवार सुबह भव्य शोभायात्रा एवं विशाल नगर कीर्तन निकाला गया। सबसे आगे पारंपरिक पोशाक पहने पंच प्यारे हाथ में कृपाण लिए चल रहे थे।
सुसज्जित रथ में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब एवं गुरु के पवित्र चिह्न रखे थे। रथ के मार्ग के आगे सेवादार झाड़ू लगाकर पानी का छिड़काव करते चल रहे थे। पवित्र रथ के साथ चल रही महिला कीर्तन मंडली ‘मेरे प्रभु आएंगे, मेरे राम आएंगे’ आदि ढोलक की थाप पर संकीर्तन करती रहीं। नगर कीर्तन में खालसा इंटर कालेज नानकमता की छात्र-छात्राएं पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते परेड निकालते हुए चल रहे थे। अखाड़े एवं गतका पार्टी में शामिल युवकों ने करतब कराए।
नगर कीर्तन हरिपदी, बदरिया, सोरों कछला रोड, सहावर गेट, कछला गेट, रामसिंहपुरा, कटरा बाजार, चंदन चौक होते हुए देर शाम गुरुद्वारे पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान गुरुद्वारे में अटूट लंगर का आयोजन किया गया। रात्रि मे भव्य रंग बिरंगी आतिशबाजी का आयोजन किया। रात भर कीर्तन दरबार सजा रहा।
शोभायात्रा में बाबा तरसेम सिंह, बाबा कश्मीर सिंह, बाबा श्याम सिंह, प्रधान सरदार सेवा सिंह, सरदार नानक सिंह, नेपाल सिंह, इंद्रजीत, निरंजन सिंह, कृपाल सिंह, जयसिंह, बलवीर सिंह, रुस्तम, बीबी राजेश कौर, नर्मदा कौर, सुनीता कौर, सुधा देवी आदि मौजूद रहीं। नगर कीर्तन में बदायूं, उझानी, गोविंदनगर, पचलाना, मीरापुर,सादिकपुर, रेतनगढ़ी, कासगंज की सहयोगी संगतें भी शामिल रहीं।