कस्टम ड्यूटी चोरी के मामले में आगरा के श्रॉफ इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनिल मगन को गिरफ्तार किया गया है। कंपनी ने 1.25 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी छूट मलयेशिया के फर्जी कंट्री आफ ओरिजिन सर्टिफिकेट लगाकर ली थी।
जांच में मलयेशिया सरकार ने ओरिजिन सर्टिफिकेट को फर्जी करार दिया, जिसके बाद कंपनी के निदेशक अनिल मगन को गिरफ्तार कर स्पेशल सीजेएम के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी और न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया।
इनलैंड कंटेनर डिपो, मोती महल, जमुना ब्रिज के डिप्टी कमिश्नर श्रीकांत राउत ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है। श्रॉफ इंपेक्स प्रा. लि. ने फर्जी कंट्री आफ ओरिजिन सर्टिफिकेट दाखिल कर 1.25 करोड़ रुपये की सीमा शुल्क की चोरी की। आसियान देशों में मलयेशिया से कंपनी ने आयात दिखाया था। इन देशों से आयात पर सीमा शुल्क पर छूट है।
आईसीडी की जांच के दौरान मलयेशिया सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि यह जारी नहीं किए गए। ये सभी सर्टिफिकेट फर्जी है। इस पर श्रॉफ इंपेक्स के निदेशक अनिल मगन को समन किया गया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि ये फर्जी सर्टिफिकेट उन्होंने कस्टम ड्यूटी में छूट के लिए दाखिल किए थे।
लखनऊ से मिले आदेश के बाद गिरफ्तार
लखनऊ आयुक्तालय के कमिश्नर वीपी शुक्ला ने कस्टम एक्ट की धारा 104 के तहत अनिल मगन को गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए। मगन को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को स्पेशल सीजेएम के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शुक्रवार को अनिल मगन ने जमानत याचिका भी दाखिल की, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। आगरा में अपनी तरह का यह पहला मामला है। इस कार्रवाई में एडिशनल कमिश्नर वीपी सिंह, अधीक्षक अखिलेश सिंह, सभाजीत सिंह, दीपक कुमार, अखिलेश कुमार, यंग बहादुर खत्री और विवेक कुमार का सहयोग रहा।
आसियान देशों से आयात किए जाने वाले माल पर कस्टम ड्यूटी की छूट फर्जी ढंग से लेने पर यह कार्रवाई की गई है। सभी आयातक और निर्यातक इस बात का ख्याल रखें कि कस्टम विभाग में कोई भी दस्तावेज दाखिल करते समय सावधानी बरतें। फर्जी कागजात न लगाएं। -श्रीकांत राउत, डिप्टी कमिश्नर कस्टम, आईसीडी