आगरा के जगनेर रोड स्थित सेवा सदन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को संसार रूपी भवसागर से पार पाने का हरि भक्ति ही साधन बताया गया। अंतिम दिन कथा व्यास पं. लोकेश कृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण विवाह, जरासंध वध, सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का मार्मिक वर्णन किया। कथा व्यास ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि जब सुदामा द्वारका पहुंचे तो देख सुदामा की दयनीय हालत देख भगवान बहुत भावुक हो गए। उन्होंने अपने आंसुओं से सुदामा के पैर पखारे। इस दौरान बेबी, मुकेश चंद्र मित्तल, नवीन मित्तल, श्याम भोजवानी, महेश शर्मा, बृजमोहन गोयल, राजेश कुमार शर्मा, सतीश मित्तल आदि मौजूद रहे। संवाद