मरीजों के रिकार्ड, ऑक्सीजन सिलिंडर के मांगे जाएंगे रिकार्ड
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनी जांच कमेटी के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि पूरे प्रकरण की डीएम की संस्तुति पर मजिस्ट्रेटी जांच हो रही है। विभाग की आंतरिक कमेटी भी जांच कर रही है। मौके पर अस्पताल संचालक नहीं मिला था। ऐसे में अस्पताल संचालक से 26 और 27 अप्रैल को भर्ती मरीज, ऑक्सीजन सिलिंडर की लॉकबुक समेत अन्य रिकार्ड मांगे जाएंगे।
वेंटिलेटर पर मरीज, रात में कराया शिफ्ट
श्री पारस अस्पताल में भर्ती संकल्पदीप की हालत नाजुक थी। इनको रात में बाइपास रोड सिकंदरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां भी वेंटिलेटर पर ही हैं। परिजनों ने बताया कि अस्पताल से मरीज शिफ्ट किए जाएंगे, यह पता चलते ही ऐसी नाजुक हालत में मरीज की जान पर खेलकर भर्ती कराया।
हाईफ्लो ऑक्सीजन पर मरीज को कराया भर्ती
एटा के राकेश वर्मा का भी श्री पारस अस्पताल में इलाज चल रहा था। हाईफ्लो ऑक्सीजन दी जा रही थी। अस्पताल सील होने और मरीज शिफ्ट पर परिजन भी घबरा गए, लेकिन जैसे-तैसे एंबुलेंस से मरीज को दूसरे निजी अस्पताल में शिफ्ट कराया। यहां भी मरीज को हाईफ्लो ऑक्सीजन दी जा रही है।
शिफ्टिंग में मां की बिगड़ गई थी तबियत
इटावा के रहने वाले मोनू कुमार मां को सांस लेने में परेशानी पर श्री पारस अस्पताल में तीन दिन पहले भर्ती कराया। कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन कोविड मरीज मानकर ही इलाज दिया जा रहा था। अस्पताल सील करने से पहले रात के 11 बजे सरकारी एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस बीच हालत बिगड़ गई थी।
मन में बनी रही आशंका
इटावा के उदित यादव ने बताया कि मौसी आईसीयू में भर्ती थीं। सुबह से पुलिस अधिकारी आने लगे। दोपहर में पता चला कि अस्पताल सील होगा, मरीज कहीं और ले जाने पड़ेंगे। मौसी की तबियत नाजुक थी। कुछ अनहोनी न हो जाए, यह डर सता रहा था। दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया, यहां आईसीयू में हैं।