मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने कर-करेत्तर, राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा की। इस दौरान लापरवाही सामने आने पर कई एसडीएम और तहसीलदारों की उन्होंने जमकर क्लास लगाई। वहीं तहसीलदार सदर न्यायालय में प्राइवेट कर्मी से कार्य कराए जाने पर तहसीलदार सदर को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से वेतन रोके जाने के आदेश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में डीएम ने राजस्व वादों के निस्तारण में कोताही बरतने पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार घिरोर को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। स्टांप वादों के निस्तारण में रुचि न लेने, सर्किल रेट रिवाइज करने में लापरवाही बरतने पर एआईजी स्टांप को कारण बताओ नोटिस जारी करने आदेश दिए। इसके अलावा स्टांप के बड़े बैनामों का स्थलीय निरीक्षण न करने पर तहसीलदार घिरोर, अवैध खनन रोकने में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर उप जिलाधिकारी भोगांव व उप जिलाधिकारी कुरावली, जन-शिकायत प्रणाली पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर उप जिलाधिकारी, तहसीलदार भोगांव को चेतावनी जारी की है। अवैध खनन रोकने में बेहतर कार्य करने पर उप जिलाधिकारी किशनी को प्रशस्ति पत्र दिया है।
डीएम ने कहा कि वाणिज्यकर विभाग के प्रवर्तन, सचल दल एवं विशेष अनुसंधान इकाई कार्य प्रणाली सुधारें। तहसीलदार, नायब तहसीलदार मैनपुरी द्वारा दायरा से कम वादों का निस्तारण किया गया है। उप जिलाधिकारी सदर अपने स्तर से समीक्षा कर प्रगति सुधारें। जिन तहसीलों में कर्मचारियों के प्रकरण लंबित हैं वहां संबंधित उप जिलाधिकारी प्राथमिकता पर प्रकरणों को निस्तारित करें।
अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्यायिक नवीन चतुर्वेदी, राजस्व अधिकारी ध्रुव शुक्ला, उप जिलाधिकारी अभिषेक कुमार, संध्या शर्मा, नीरज कुमार द्विवेदी, राम नारायण, प्रसून कश्यप, सुप्रिया गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी शिवम यादव, आबकारी अधिकारी दिनेश कुमार मौजूद रहे।
तहसील सदर में सबसे ज्यादा जांच लंबित
मैनपुरी। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तहसील सदर में 116, तहसील करहल में 111, तहसील भोगांव में 85, तहसील किशनी में 69, तहसील घिरोर में 26, तहसील कुरावली में 10 बैनामों की पत्रावलियां स्थलीय जांच के लिए लंबित है। संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तत्काल लंबित पत्रावलियों पर स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारित करें। संवाद