ताज ट्रिपेजियम जोन को उद्योगों के लिए बनी नई कैटेगरी ‘व्हाइट’ में शामिल करने पर आगरा की अर्थव्यवस्था की लाइफ लाइन ‘फुटवियर इंडस्ट्री’ की सांसें थम सकती हैं। व्हाइट कैटेगरी में केवल लेदर कटिंग और स्टिचिंग की ही अनुमति होने से नई इकाईयां लग नहीं पाएंगी। सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले जूता उद्योग पर पर्यावरण के नए नियम की मार सबसे ज्यादा पड़ेगी। नई कैटेगरी में शामिल होने पर आगरा की फुटवियर इंडस्ट्री से विदेशी बायर किनारा कर सकते हैं।
लगभग पौने चार लाख लोगों को सीधे रोजगार दे रहे जूता उद्योग के सामने पर्यावरण मंत्रालय की नई नीति अड़ंगा खड़ा करने वाली है। न तो इकाइयों का विस्तार ही हो पाएगा और न ही लोगों को रोजगार ही मिल पाएगा। दरअसल, आगरा का जूता अपनी क्वालिटी और फिनिशिंग के बूते दुनिया भर के बाजारों में खास जगह बनाए हुए है। विदेशी बायर आगरा में आर्डर देने से पहले पर्यावरण आडिट कराते हैं। व्हाइट कैटेगरी में एनओसी न मिलने पर एनओसी के बिना नई इकाइयों को आर्डर ही नहीं मिल पाएगा। यही नहीं, देश में हर तीन में से दो लोगों के पैर में आगरा का फुटवियर ही है। परंपरागत जूता कारीगरों को रोजगार के साथ आगरा की अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी जहां की तहां रुकने का खतरा भी नई कैटेगरी के लागू होने पर हो जाएगा।
‘एक तरफ देश मेक इन इंडिया का नारा दे रहा है, दूसरी तरफ ऐसी हास्यास्पद नीतियां तय हो रही हैं। हम संयुक्त रूप से इस मुद्दे पर रविवार शाम को रणनीति तय करेंगे और ऐसे किसी भी आर्डर को बदलवाएंगे’
पूरन डावर
अध्यक्ष, एफमेक
‘विदेशी बायर सबसे पहले एनवायरमेंट आडिट कराते हैं। व्हाइट कैटेगरी से नई इकाइयों के सामने संकट आएगा। जूता उद्योग तो पहले से अप्रदूषणकारी उद्योग में शामिल है। अब नई कैटेगरी विरोधाभासी है’
प्रदीप वासन
सदस्य, एफमेक
‘पर्यावरण को लेकर व्यवहारिक कम, अटपटे नियम कानून आ रहे हैं। नॉन पाल्यूटिंग की श्रेणी के कारण ही आगरा में अब तक जूता कारोबार फल फूल पाया। नई कैटेगरी से तो ट्रेड की दिक्कतें बढ़ेंगी ही’
जितेंद्र त्रिलोकानी
वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आगरा शू मैन्यूफैक्चरिंग एसो.
प्रदूषण एनओसी/अनुमति के लिए कैंप 25 से
आगरा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आगरा वायु और जल प्रदूषण की एनओसी/अनुमति के आवेदनों के निस्तारण के लिए 25 अक्तूबर से कैंप लगा रहा है। क्षेत्रीय अधिकारी डा. राम करन के मुताबिक 25 अक्तूबर को सुबह 11 बजे से आगरा आयरन फाउंडर्स एसोसिएशन भवन, ओल्ड विजय नगर कालोनी में प्रदूषण से संबंधित सभी एनओसी और अनुमतियों के लिए कैंप लगाया जाएगा। 26 अक्तूबर को सुबह 11 बजे से सिकंदरा फैक्ट्री ऑनर्स एसोसिएशन को आवंटित पार्क, औद्योगिक क्षेत्र, साइट सी, सिकंदरा में यह कैंप लगेगा। इन दोनों कैंपाें में कोई भी उद्यमी जल या वायु प्रदूषण से जुड़ी अनुमति या एनओसी ले सकते हैं। डा. राम करन ने चेतावनी दी कि अगर कैंप के बाद कोई भी उद्योग बिना एनओसी के चलता हुआ पाया गया तो उद्योग के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
आज शाम टीटीजेड के उद्यमी करेंगे चिंतन
आगरा। ताज ट्रिपेजियम जोन को व्हाइट कैटेगरी में रखने से औद्योगिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों पर चिंतन के लिए आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद और हाथरस के उद्यमियों की बैठक रविवार शाम 6 बजे से संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में होगी। लघु उद्योग भारती प्रदेश अध्यक्ष राकेश गर्ग के मुताबिक बैठक में टीटीजेड में शामिल सभी शहरों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आगामी रणनीति पर विचार के लिए बुलाया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद रामशंकर कठेरिया भी इस बैठक में शामिल होंगे।