आगरा में रकाबगंज के औलिया रोड पर बृहस्पतिवार रात को जूता कारखाना मालिक सिकंदर कर्दम की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। निर्माणाधीन घर में हत्यारोपियों ने उसके शरीर पर कई जगह वार किए। आंखें भी फोड़ दीं। पुलिस के अनुसार वारदात के पीछे अवैध संबंध कारण माना जा रहा है। मामले में मोहल्ले की रहने वाली महिला, उसके पति सहित पांच के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। सभी फरार हैं। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाम लगाकर हंगामा किया।
सिकंदर का दो महीने से मकान बन रहा था। इस कारण परिवार मोहल्ले में ही किराये पर कमरा लेकर रह रहा है। वह घर में ही जूते बनाने का काम करता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सिकंदर की शादी नहीं हुई थी। वह निर्माणाधीन मकान में ही रखवाली के लिए सोता था। बृहस्पतिवार रात को खाना खाने के बाद सोने गया था। शुक्रवार सुबह तकरीबन छह बजे चंबल सेंड लेकर ट्रैक्टर ट्राली आई। चालक के रुपये मांगने पर पिता महेश और राजमिस्त्री विजय निर्माणाधीन मकान में उसे जिगाने गए। वह चारपाई पर लहूलुहान पड़ा हुआ था। सिर, गर्दन, छाती पर चाकू से वार किए गए थे। आंखें फोड़ दी गई थीं। पिता की चीख निकल गई। आसपास के लोग जुट गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सिकंदर तीन बहन और दो भाई थे। छोटा भाई बाबी है। मां कमलेश हैं। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पिता ने दर्ज कराया मुकदमा
सीओ सदर अर्चना सिंह ने बताया कि पिता महेश कर्दम ने थाना रकाबगंज में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें पड़ोसी बंटी, उसकी पत्नी सोनू, बेटे आशीष और दो अन्य को नामजद किया है। आरोप है कि महिलासोनू के सिकंदर से संबंध थे। इससे बंटी और उसके बेटे रंजिश मानने लगे थे। सिकंदर की हत्या करना चाहते थे। सोनू दिल्ली में रहती है। हत्या के बाद आरोपी घर से फरार हो गए।
आठ महीने पहले भी बोला था हमला
परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को बिजलीघर के पास रखकर जाम लगा दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाया। परिजनों का कहना था कि सिकंदर पर बंटी पक्ष ने आठ महीने पहले भी हमला बोला था। तब पुलिस से शिकायत की थी, हालांकि समझौता होने पर शिकायत वापस ले ली थी।