फसलों पर टूटे बारिश के कहर का एक और किसान शिकार हो गया। फतेहपुर सीकरी महंदऊ गांव में आलू किसान गंगाराम बघेल (60) के पुत्र डालचंद की सदमे से मौत हो गई। वहीं, बसई अरेला के गांव लड़ऊआपुरा में रविवार रात दो बजे बिजली गिरने से रुस्तम सिंह के घर की छत फट गई। उनकी पत्नी गंगा देवी घायल हो गईं। गढ़ी चंद्रवन के मजरा नगला क्रिया में भूरी सिंह की पुत्री पूजा (17) झुलस गई। साही गांव में मुकेश का पुत्र राहुल (11) झुलस गया। रसूलपुर सदर में देशराज सिंह की भैंस मर गई।
महंदऊ गांव में किसान की मौत और फसलों को हुए नुकसान पर ग्राम प्रधान मुकेश कुमार, भाजपा नेता जितेंद्र फौजदार आदि ने प्रशासन से मुआवजा की मांग की है। वहीं बिजली गिरने से जैतपुर ब्लाक परिसर में बबूल का पेड़ गिरने से भगवान दास के घर का छज्जा टूट गया और दीवारें दरक गईं। किरावली में विकास खंड अकोला के गांव नहचानी में पूरन सिंह चाहर, नारायन सिंह, बिजेंद्र, धनवीर, ओमप्रकाश, देवेंद्र आदि के यहां विद्युत उपकरण फुंक गए। वहीं, डावली निवासी प्रेमसिंह के घर की दीवार गिर गई। क्षेत्रीय लेखपालों ने गांवों का सर्वे कर रिपोर्ट तहसीलदार इंद्र नंदन सिंह को दी है।
चल रहा नुकसान का आकलन
आगरा। बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से हुई घटनाओं की जांच कराई जा रही है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि होली से पहले हुई बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कर करीब 1.27 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, दूसरी किस्त के रूप में अब करीब 1.20 करोड़ रुपये की डिमांड भेज दी गई है। फाइनल सर्वे अभी नहीं आया है। उम्मीद है कि मंगलवार शाम तक रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
जिलाधिकारी के प्रति नाराजगी
आगरा। सोमवार को किसानों की बर्बादी की कहानी सुनाने कलेक्ट्रेट पहुंचे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों के सदस्यों में जिलाधिकारी के प्रति नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना था कि जिले में फसल तबाह हो गई है। किसानों की मौत हो रही है। किसानों की समस्या को लेकर सभी बड़े राजनीतिक दल कलेक्ट्रेट में जूझ रहे हैं, लेकिन जिलाधिकारी के पास समय नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि जिलाधिकारी मंडलायुक्त कार्यालय में आयोजित जरूरी बैठक में थे।