प्रसपा का चुनाव चिन्ह चाबी दिखाते शिवपाल यादव
शिवपाल यादव ने सपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने और सैफई परिवार में हुई टूट का दर्द खुले मंच से बयां किया। उन्होंने कहा कि वो नहीं चाहते थे पार्टी और परिवार में बिखराव हो। नेताजी से कह दिया था मुझे जीवन में कभी सीएम नहीं बनना है, विधायक भी नहीं बनना है। सिर्फ पार्टी के लिए ही काम करना है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा का चुनाव लड़ने का कभी सोचा भी नहीं था, लेकिन यह नौबत इसलिए आई क्योंकि नेताजी और मेरा अपमान होने लगा। लगातार इतना अपमान हुआ कि मुझे नेताजी का आशीर्वाद लेकर अलग पार्टी बनानी पड़ी।
रामगोपाल यादव पर निशाना साधते हुए शिवपाल ने कहा कि मैनपुरी और फ़िरोज़ाबाद में सपा की ही सरकार में जमीन पर कब्जा हो रहा था। ट्रकों से अवैध शराब का धंधा चल रहा था। इसका ही तो विरोध किया था। नेताजी को पूरी बात बता दी थी। इसका नतीजा क्या हुआ। मुझे मंत्रिमंडल से निकाल दिया गया। कोई कसूर भी नहीं बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते शिवपाल यादव
शिवपाल ने कहा कि हमने कई मुख्य दलों का सपा में विलय करने की तैयारी की थी। यदि ऐसा होता तो देश में पीएम, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री अपने होते लेकिन उन्होंने बसपा से हाथ मिलाकर पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया और हम पर आरोप लगाते हैं कि हम भाजपा की बी टीम हैं।
प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि चाहे मेरे साथ कुछ भी किया गया लेकिन मैंने कभी प्रोफेसर साहब को पलटकर जवाब नहीं दिया। सरकार के समय मलाई खाने वालों ने मुझे पार्टी से अलग किया। वर्षों तक सपा का झंडा उठाए रहा। छोटी-छोटी बैठकों से लेकर पार्टी की बडे़ आयोजनों का हिस्सा रहा।
उन्होंने कहा कि सरकारी बंगले का मैं हकदार हूं। सरकार ने बंगला दिया तो मुझ पर भाजपा का ठप्पा लगा दिया। जनता कहे तो बंगला ठुकरा दूंगा, मैं तो झोपड़ी में रहने वाला हूं। उन्होंने कहा कि सेकुलर पार्टियां साथ आएं तो भाजपा का डटकर मुकाबला करेंगे।
शिवपाल के साथ सपा विधायक व अन्य पदाधिकारी
प्रसपा के मंच से हजरत मौलाना अंसार रजा ने सपा और बसपा के गठबंधन पर तल्ख भाषण दिया। मायावती को नागिन तक कह दिया। अखिलेश को नाग कहा। रजा ने कहा शिवपाल को यह नाग-नागिन कैसे हरा पाएंगे। वो तो शिव हैं, नागिन और नाग गले में डाले हुए हैं।
प्रसपा की रैली में भारी भीड़ उमड़ी, जिसे शिवपाल यादव गदगद हो गए। रैली के मंच पर शिवपाल के पुत्र आदित्य यादव, सिरसागंज के सपा विधायक हरिओम यादव, उनके पुत्र विजय प्रताप सिंह उर्फ छोटू यादव और प्रसपा जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।