छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर सेना के जवानों समेत विभिन्न संगठनों ने शिवाजी के शौर्य को याद किया। आगरा किले के सामने स्थित शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर शिव सैनिकों और विश्व हिदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर छत्रपति शिवाजी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
शिवाजी महाराज की जयंती पर सुबह करीब सात बजे भारतीय थल सेना और वायु सेना के जवानों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सेना के जवानों ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने शारीरिक क्षमता और बुद्धि कौशल के जरिये युद्ध लड़ा। सेना में भी शारीरिक क्षमता और बुद्धि का कौशल का महत्व है। सेना पिछले दो वर्ष यहां कार्यक्रम का आयोजन कर रही है।
विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने शिवाजी की प्रतिमा का अभिषेक किया। प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित कटियार ने कहा कि शिवाजी के पिता ने उन्हें केवल 2 हजार सैनिक दिए थे लेकिन उन्होंने अपनी दृढ़ता और संघर्ष के दम पर दो लाख सैनिकों की फौज बनाकर स्वराज की नींव रखी। शिवाजी महाराज का आगरा से भी गहरा नाता रहा है। मुगलिया सल्तनत के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। कृष्ण प्रताप सिंह, सुरेंद्र सिंह, अनिल अग्रवाल, अनिल क्रांति, निर्मल मथुरिया, सोमवार सिंह, सतीश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
शिव सैनिकों ने शिव सेना कार्यालय पर आकर्षक सजावट की। वहां हवन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद आगरा किला के सामने स्थित शिवाजी की प्रतिमा पर शिव सैनिकों ने दुग्धाभिषेक किया। उन्होंने शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर अपने खून से तिलक कर राष्ट्र रक्षा का संकल्प किया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में जिला संयोजक वीनू लवानिया ने कहा कि 386 वर्ष पहले हिंदुओं की रक्षा के लिए महाराष्ट्र की धरती ने शिवाजी जैसे पराक्रमी को जन्म दिया। इस अवसर पर चुन्ना पांडे, परमवीर चौधरी, रश्मि वर्मा, सेठ लच्छीराम, सुरेश प्रजापति, राजेश जादौन, राजकुमार उपाध्याय, जय प्रकाश, रचना, रजनी गौतम, नंद किशोर वाल्मीकि आदि मौजूद रहे। हिंदू युवा वाहिनी की ओर से आयोजित में कार्यक्रम में सरोज गौड़, पीयुष श्रीवास्तव, अनंत उपाध्याय, तरुण सिंह, राहुल वैत, गणेश भारद्वाज, दानवीर परमार, नीलम सिंघल, गंगा धाकड़, सुनीता लूथरा आदि मौजूद रहीं।