ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की खबर पर आगरा में शिया समुदाय ने मजार शहीद-ए-सालिस पर प्रदर्शन किया। पोस्टर जलाकर नारेबाजी की गई, जबकि पुलिस ने सड़क पर उतरने से प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद जिले के शिया मुस्लिम समुदाय ने प्रदर्शन किया। न्यू आगरा स्थित मजार शहीद-ए-सालिस पर भारी संख्या में महिलाएं,बच्चे और पुरुष एकत्रित हुए। हाथों में खामनेई की तस्वीर लेकर उन्होंने हमले की निंदा की। प्रदर्शन के दौरान परिसर से बाहर सड़क पर आने की कोशिश करने पर पुलिस से नोकझोंक भी हुई, पुलिस ने किसी को सड़क पर नहीं आने दिया।
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यह मजार शिया मुस्लिम के प्रमुख धर्म स्थलों में शामिल है। दोपहर 3 बजे एकत्रित लोगों ने परिसर में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और नेतन्याहू की तस्वीरों को जलाया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की सूचना पर पहले से ही मजार के गेट पर पुलिस तैनात कर दी गई थी। प्रदर्शन में इमाम-ए-जुमा मौलाना शहजाद हुसैन बिलग्रामी, पेश इमाम सय्यद मो. हैदर, मौलाना वली मोहम्मद, हसन शाकिर, डाॅ. जाफरी, ताहिर जैदी, नजमुल हसन, सकलैन हैदर, परवेज रिजवी, वसी हैदर, मीसम रिजवी आदि मौजूद रहे।
पूरे विश्व के मुसलमान गमगीन
इमाम-ए-जुमा मौलाना शहजाद हुसैन बिलग्रामी ने कहा कि पूरे विश्व का मुसलमान धर्मगुरू की मौत पर गमगीन है। हम कर्बला वाले हैं। हमारे धर्मगुरू ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।