मैनपुरी। साइबर सेल की टीम ने केवाईसी अपडेट कराने का मैसेज कर खाते से रुपये पार करने वाले गैंग के एक शातिर को गिरफ्तार किया। शनिवार को एएसपी ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। साइबर सेल की टीम अब ठगों के दो साथियों की तलाश में जुटी है।
एएसपी मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ज्योंती रोड निवासी प्रदीप सिंह की ओर से कोतवाली में एक शिकायत दी गई थी। इसमें कहा था कि ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ है। केवाईसी अपडेट कराने के लिए आए मैसेज के बाद जब उसने 10 रुपये का रिचार्ज किया तो खाते से 8300 रुपये गायब हो गए। इस शिकायत पर सीओ सिटी अभय नारायण राय ने खुलासे के लिए साइबर सेल प्रभारी विक्रम सिंह को लगाया था। साइबर सेल प्रभारी ने टीम के एक्सपर्ट जोगी चौधरी, सरयू, महिपाल, विजय सिंह, मनोज कुमार और हरेंद्र नाथ के साथ काम शुरू कर दिया था।
एएसपी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद टीम ने मयंक गुप्ता निवासी मोहल्ला बासन गेट थाना कोतवाली भरतपुर राजस्थान को गिरफ्तार किया। इसके पास छह हजार की नकदी, एक मोबाइल, लैपटॉप व कई खातों की पास बुक मिलीं। पूछताछ में साइबर ठग ने बताया कि वह अपने साथी कपिल और शीतल के साथ मिलकर लोगों के मोबाइल पर मैसेज करता है। इसमें केवाईसी अपडेट करने के नाम पर एक एप डाउनलोड कराते थे। डाउनलोड होते ही मोबाइल की कमांड उनके हाथ आ जाती थी। 10 रुपये का रिचार्ज कराते ही खाते से नकदी पार कर देते थे।
भरतपुर और कलकत्ता में रहकर काम करता है गैंग
मैनपुरी। साइबर ठगी करने वाला गैंग कलकत्ता और भरतपुर से संचालित हो रहा था। इस गैंग को मयंक अपने दो साथियों के साथ चलाता था। साइबर सेल ने अभी तक शातिर के लैपटॉप से भेजे गए करीब 1100 मैसेज डीकोड कर लिए हैं। पकड़ा गया शातिर व साथी देश में कहीं भी वारदात को अंजाम देते थे।
भरतपुर के एक होटल में कॉल सेंटर चलाकर मयंक व उसके साथी कपिल व शीतल लोगों को केवाईसी अपडेट कराने के मैसेज करते थे। वहीं यह लोग कलकत्ता में रहकर भी देश के किसी भी हिस्से में अपना शिकार ढूंढ लेते थे। साइबर सेल प्रभारी विक्रम सिंह के अनुसार शातिर के लैपटॉप से अभी तक करीब 1100 मैसेज डीकोड कर लिए हैं। इन सभी लोगों को ठगी के उद्देश्य से मैसेज भेजे गए। इनमें से कितने लोग ठगी का शिकार हुए, इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बताया कि सभी शातिर पढ़े लिखे और अच्छे घरों से ताल्लुक रखने वाले हैं। लेकिन कैरियर बनाने की जगह इन लोगों ने अपराध का रास्ता चुन लिया और अब तक न जाने कितने लोगों से लाखों करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
एक गलती ने बिगाड़ दिया साइबर ठगों का खेल
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि बड़े से बड़ा अपराधी ऐसी कोई न कोई गलती कर बैठता है, जो कि उसको सलाखों के पीछे पहुंचा देती है। शातिरों ने भी एक ऐसी ही गलती कर दी। दरअसल इन लोगों ने कुछ दिन पूर्व राजस्थान विद्युत विभाग को एक व्यक्ति के बिजली का बिल अपने उसी लैपटॉप से भुगतान कर दिया। जिसे यह लोग ठगी की वारदात में प्रयोग करते थे। जांच के दौरान जब ये बात सामने आई तो शातिर मयंक गुप्ता टीम के हाथ आ गया। उसके दो साथी भी जल्द ही गिरफ्त में होंगे।
प्रेमिका को गिफ्ट की मंहगी कार और फ्लैट
साइबर ठगी के मामले में पकड़ा गया शातिर मयंक लोगों से ठगी कर काफी ऐशो आराम की जिंदगी गुजार रहा है। उसने अपनी प्रेमिका को एक मंहगी कार और फ्लैट भी गिफ्ट में दे रखा है। साइबर सेल अब ठगी से अर्जित की गई संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।