कासगज। जिले में शनिवार को सुबह सात बजे से ही तपन शुरू हो गई। दोपहर में अधिकतम पारा 44 डिग्री पर पहुंच गया। आग उगलते मौसम से हर कोई बेहाल नजर आया। मौसम के तीखे तेवर देख लोग घरों को लौट गए और सड़कों पर वीरानी छा गई।जिले में शुक्रवार को मध्य रात्रि के बाद मौसम में नमी आ जाने से लोगों को काफी राहत मिल गई। सुबह पांच बजे तक पारा 25. 2 डिग्री रहा। इससे लोगों को सुकून मिला लेकिन सूर्योदय के साथ ही पारे ने चढ़ना कर दिया। सुबह छह बजे पारा 27.7 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह सात बजे पारा 30 डिग्री रिकार्ड किया गया। सुबह सात से आठ के बीच पारा तेजी से चढ़ा। इस बीच पारे में 4.1 डिग्री का उछाल आया। इससे आठ बजे पारा 34.1 डिग्री पर पहुंच गया। इसके बाद हल्की धुंध का असर हो जाने से पारे में उछाल की रफ्तार कुछ हल्की हो गई। एक घंटे में पारा 1.1 डिग्री ही चढ़ा, लेकिन नौ बजे के बाद पारा फिर से चढ़ने लगा। एक घंटे में चार डिग्री की वृद्धि के साथ ही पारा 39.2 के आंकड़े पर जा पहुंचा। इसके साथ ही ऐसा लगने लगा मानो आसमान से आग बरस रही हो। गरम हवा के थपेड़े लोगों को चुभन का अहसास कराने लगे। गर्मी की अधिकता को देखकर बुजुर्ग व बच्चे घरों में कैद हो कर रह गए। जो लोग घरों से बाहर निकले वे पूरे बचाव के साथ बाहर आए। दोपहर दो बजे के बाद सड़कों पर वीरानी से नजर आने लगी। वाहन भी कम हो गए। लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो गया। गर्मी की अधिकता से लोगों के गले चटकने लगे, जिससे लोग पानी की तलाश करते नजर आए। जिससे हैंडपंप, वाटर कूलर आदि पर लोगों की भीड़ लगी रही। सांय के समय जब पारा नीचे आना शुरू हआ उसके बाद ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हुई।