कासगंज। तंबाकू एवं पान मसाला की बिक्री के लिए शनिवार से नए नियम लागू हो गए हैं। हालांकि पहले दिन लोग इनसे अंजान दिखे। दुकानों पर पान मसाला और तंबाकू एक साथ बिकते होते रहे और खरीदार खरीदते रहे। जिले में थोक विक्रेताओं के अलावा बड़ी संख्या में फुटकर में बाजार में पान मसाला, गुटखा की बिक्री होती है। जनपद भर में तीन हजार से अधिक लोग इस कारोबार से जुड़े हैं। कोर्ट ने एक अप्रैल 2013 से प्रदेश में तंबाकू युक्त पान मसाला और गुटखा के विनिर्माण, पैकिंग और भंडार के साथ वितरण व विक्रय पर प्रतिबंध लगाया दिया था। इस प्रतिबंध के बाद में तंबाकू निर्माता इकाइयों ने तोड़ निकाल लिया।पान मसाले का निर्माण अलग से शुरू कर दिया और तंबाकू का निर्माण अलग से होने लगा। कंपनियां अलग-अलग पैकेट में इनको भेजने लगी। तंबाकू और पान मसाला के पाउच दुकानों पर एक साथ ही बेचे जाते हैं। उच्चतम न्यायालय ने इसे संज्ञान में लेते हुए अब एक स्थान पर पान मसाला व तंबाकू की बिक्री पर रोक लगा दी। एक जून से नए नियम को लागू प्रभावी हो गए हैं। हालांकि बाजार में इस नियम स लोग अंजान दिखे। विक्रेता शनिवार को बाजार में आम दिनों की तरह ही इनकी बिक्री करते रहे, इससे बाजारों, गलियों में दुकानों पर पान मसाला व तंबाकू के पाउच लटके रहे। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी आनंद देव ने बताया कि पान मसाला व तंबाकू की एक साथ बिक्री पर रोक लग चुकी है। कारोबारी एक साथ इसकी बिक्री नहीं करें। अभियान चलाकर चेकिंग की जाएगी। यदि विक्रेता इनकी एक साथ बिक्री करेंगे तो कार्रवाई होगी।