Navratri Maa Shailputri Aarti :शारदीय नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान के मां शैलपुत्री पूजा करें और अंत में माता शैलपुत्री की कृपा पाने के लिए उनकी आरती जरूर करें।
शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 22 सितंबर से हो रहा है। नवरात्र पर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री को सौभाग्य की देवी माना जाता है। सर्वप्रथम कलश स्थापना के बाद माता की आराधना की जाती है। घरों, मंदिरों और शहर के विभिन्न स्थानों पर पंडालों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। नवरात्र के कारण बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है।
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श्रद्धालु माता की चुनरी, पोशाक और शृंगार के सामान की खरीदारी कर रहे हैं।शारदीय नवरात्र पर इस बार दस दिनों तक माता रानी की पूजा की जाएगी। शहर के देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारी के लिए साफ सफाई की गई। शहर में जगह-जगह दुर्गा पंडाल सजाए गए हैं। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के लिए चुनरी, पोशाक, मुकुट आदि की खरीदारी कर रहे हैं।
वहीं कुछ श्रद्धालु देवी पंडालों के लिए ईको फ्रेंडली मां दुर्गा की प्रतिमा की खरीदारी कर प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी कर रहे हैं। कोलकाता से आए विकास दास ने बताया कि ईको फ्रेंडली मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। मूर्ति बनाने में केमिकल रहित रंगों का प्रयोग किया जाता है। आगरा के अलावा फिरोजाबाद, इटावा, मथुरा, मैनपुरी, धौलपुर आदि शहरों से भी लोग मूर्तियों की बुकिंग कराए हैं। बताया कि ढाई फीट से लेकर 25 फीट तक की मिट्टी की मूर्ति तैयार की गई है।
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चार हजार से लेकर सवा लाख रुपये तक कीमत की मूर्तियां उपलब्ध हैं। आकाश दास ने बताया कि गणेश उत्सव के शुरु होने से पहले कोलकाता से 40 लोगों की टीम नामनेर स्थित दुर्गा मंदिर में मूर्तियां बनाने का काम करती है। श्वेता जैन ने बताया कि नवरात्र पर फैंसी पोशाक, माता की चुनरी, मुकुट और माला की मांग ज्यादा है। चुनरी 10 से 250 रुपये तक, मुकुट 10 से 150 रुपये तक, पोशाक 50 से 300 रुपये तक और माला 10 से 100 रुपये तक उपलब्ध है।
दैनिक यात्री व्यापाारी संघ एवं पोला भाई ग्रुप के अध्यक्ष पोला भाई ने बताया कि राजामंडी रेलवे स्टेशन पर नवरात्र पर 12 फीट ऊंची ईको फ्रेंडली मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की गई है। 700 फीट लंबी गर्भ जून की गुफा तैयार की गई है। इसमें श्रद्धालुओं को हाथी मत्था, बाबा बर्फानी, सांझी छत, भैंरो घाटी आदि के दर्शन होंगे। नवरात्र पर प्रतिदिन में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना के साथ डांडिया और गरबा का आयोजन किया गया है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 9 मिनट से प्रारंभ हो चुका है। यह मुहूर्त सुबह 8 बजकर 6 मिनट तक बना रहेगा। इसकी कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट तक रहेगी। इसके अलावा दूसरा मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर के 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
पूजा विधि
पूजा के लिए सबसे पहले एक साफ चौकी पर माता रानी की मूर्ति स्थापित करें।
देवी को चुन्नी और वस्त्र सहित अन्य श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
इसके बाद रोली और अक्षत से देवी को टीका लगाएं और देवी के समक्ष धूप-दीपक जलाएं।
फिर आप फूल की माला देवी को पहनाएं। इसके बाद साफ जल भरकर कलश स्थापित करें और उस पर नारियल रखें।
इसके बाद जौ भी बो दें। अब आप दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।अंत में माता की आरती करते हुए गलतियों की माफी मांगे