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UP: ‘धंधे के लिए गाय को भी नहीं बख्शा तो तुम्हें क्या छोड़ेंगे’, शंकराचार्य ने सीएम योगी के लिए कही ये बात

Mon, 08 Jun 2026 09:06 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

शंकराचार्य ने कहा कि सभी मुख्यमंत्री और नेता शंकराचार्यों का सम्मान करते हैं। मुगल और अंग्रेजों ने भी कभी अपमान नहीं किया। मगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अहंकार में चूर हैं।
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आर्थिक लाभ और अपने धंधे के लिए मुख्यमंत्री ने गाय को भी नहीं बख्शा है तो तुम्हें क्या छोड़ेंगे। गाय के नाम पर सत्ता में काबिज हुए थे। आज हिंदुओं के साथ मुस्लिम भी गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग कर रहे हैं तो कह रहे हैं कि इसकी जरूरत नहीं है। इसे तो गर्व से घोषित करना चाहिए। ये बातें रविवार को ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही।
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वह धाकरान चौराहे पर गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा में आए थे। वहां से पालकी पर नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर पहुंचे, जहां उनका फूल बरसाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी इतने दबाव के बाद गाय को माता कहते हैं। इसके पीछे उन्हें डर है जबकि गोरखनाथजी गाय को माता मानते थे।

हिंदुओं की आंखें खोलने आए
शंकराचार्य ने कहा कि हम बिना बुलाए कहीं नहीं जाते थे लेकिन मर्यादा को छोड़ गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा से गली-गली पहुंच रहे हैं। घूम-घूम कर हिंदुओं की आंखें खोलने आए हैं। आपके साथ धोखा हो रहा है। इससे असली हिंदू को परेशानी होगी। गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए हिंदुओं की आंख खोलना जरूरी है।
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अहंकार में चूर हैं मुख्यमंत्री
शंकराचार्य ने कहा कि सभी मुख्यमंत्री और नेता शंकराचार्यों का सम्मान करते हैं। मुगल और अंग्रेजों ने भी कभी अपमान नहीं किया। मगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अहंकार में चूर हैं। जो सरकार गोवध नहीं रोक सकती, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दे सकती, उसे सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। उसे सत्ता से उतार फेंको। अबकी बार गोमाता की रक्षा के लिए वोट करें।

हर नेता को देनी है परीक्षा
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले हर नेता को परीक्षा देनी है। अब तक महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे परीक्षा में पास हुए हैं। उनके अलावा किसी ने गाय को राष्ट्रमाता की मान्यता देने की बात नहीं की है। नई पीढ़ी को बताने की जरूरत है कि गाय केवल दूध का साधन नहीं है। हर विधानसभा में एक नोट गाय के नाम चलाकर गोधाम में गाय की सेवा करें।

धाकरान चौराहे पर हल किया भेंट
धाकरान चौराहे पर धर्मसभा में शंकराचार्य को हल भेंट किया गया। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि यह भारतीय किसान की ताकत थी। गाय का बछड़ा भी बड़ा होकर किसान के साथ इस हल से अन्न पैदा कर राष्ट्र के पेट को भरता था। उन्होंने सभा में मौजूद सभी लोगों को गोमाता रक्षा और राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए शपथ दिलाई। इस दौरान दिनेश पचौरी, सुरेश पचौरी, आशीष बल्लभ पचौरी, रानू, नरेश, आदित्य, आयुष, अपूर्व शर्मा, मनीष धाकड़, नवीन शर्मा, मदन मोहन शर्मा, हैप्पी शिवहरे, सागर आदि मौजूद रहे।

मुस्लिम समाज ने किया समर्थन
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद ने जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा का समर्थन करते हुए पत्र सौंपा। राष्ट्रीय महासचिव सैयद इरफान अहमद सलीम ने शंकराचार्य से कहा कि गाय में करोड़ों हिंदुओं की आस्था निहित है। मुस्लिम समाज गाय को माता घोषित करने की मांग करता है।

 
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