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शहीद स्मारक: सुविधाओं पर नहीं ध्यान, टिकट का बनाया प्लान

Sat, 25 Mar 2023 11:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा के संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक उद्यान पर आगरा विकास प्राधिकरण 15 अप्रैल से टिकट लगाने जा रहा है। सुभाष पार्क, शाहजहां पार्क और जोनल पार्क की तर्ज पर शहीद स्मारक पार्क पर टिकट लगाने से पहले लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। 
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शहीद स्मारक आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा विकास प्राधिकरण के अफसरों ने शहीद स्मारक पर टिकट लगाने का प्लान तो बनाया, पर सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया। 15 अप्रैल से शहीद स्मारक पर टिकट प्रस्तावित है, लेकिन अमर उजाला ने शहीद स्मारक की वर्तमान हालत की पड़ताल की तो पाया कि शहीदों की प्रतिमाओं से लेकर लाइब्रेरी, फुव्वारे और लाइटिंग जर्जर और बदहाल है। टॉयलेट ब्लॉक बंद है और सफाई की व्यवस्था है ही नहीं। दो साल पहले एडीए ने यहां लाइट एंड साउंड शो का प्रस्ताव बनाया था, जिसे अब तक लागू नहीं कर पाए। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल पांच बार शहीद स्मारक का दौरा अफसरों के साथ कर चुके, पर बदहाली दूर नहीं हुई और अब टिकट का प्रस्ताव और तैयार कर लिया गया।

सामाजिक संगठन कर रहे विरोध

15 अप्रैल से शहीद स्मारक पर टिकट लगाने के प्रस्ताव का शहर में जबरदस्त विरोध हुआ है। संजय प्लेस क्षेत्र के साथ पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों ने आगरा विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने एडीए पर ही सवाल खड़े किए कि संजय प्लेस योजना में केाई ऐसा पार्क छोड़ा गया है, जहां संजय प्लेस के बहुमंजिला भवनों में रह रहे लोग टहलने, घूमने आ सकें।

जिस दिन बलिदान, उसी दिन प्रस्ताव

शहीद ए आजम भगत सिंह के नाम पर शहीद स्मारक के लिए बनी शहीद भगत सिंह स्मारक समिति ने एडीए के प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए हैं। कमेटी ने कहा कि एडीए 40 साल से पार्क और स्मारक का रखरखाव नहीं कर रहा है। हमेशा से यह बदहाल रहा है। लाइब्रेरी, टॉयलेट की शिकायतों केा अनसुना किया गया। हैरत होती है कि जिस दिन शहीद भगत सिंह का बलिदान दिवस था, उसी दिन अफसरों ने टिकट लगाकर लोगों को स्मारक से दूर करने की योजना बनाई।
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शहीद भगत सिंह स्मारक समिति

एक्टिविस्ट केके भारद्वाज ने बताया कि शहीद स्मारक आस्था का केंद्र है। एडीए का टिकट लगाने का कदम देशभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला है।जब राष्ट्रीय युद्व स्मारक प्रवेश निशुल्क है तो शहीद स्मारक पर क्यों? एडीए आस्था के केंद्र को कमाई का जरिया बनाने की जगह सुविधाएं देने के प्रयास करे।

सदस्य, सुप्रीम कोर्ट मॉनीटरिंग कमेटी

सचिव विनय मित्तल ने बताया कि संजय प्लेस के लोग इस फैसले का विरोध करते हैं। पूरे कॉमर्शियल कांप्लेक्स में सिर्फ शहीद स्मारक ऐसा है जहां लोग कुछ देर बैठ सकते हैं। यहां कई आफिस है, जहां लोग कई जिलो से आकर कुछ देर इंतजार करते हैं। हमारी एसोसिएशन इसका विरोध करेगी।
 

संजय प्लेस वेलफेयर एसोसिएशन

एडीए सचिव गरिमा सिंह ने बताया कि शहीद स्मारक पर टिकट का प्रस्ताव है ताकि व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर सकें। हम यहां लाइब्रेरी, टॉयलेट, सफाई का संचालन करते हैं, जिस पर पैसा खर्च होता है। सुभाष पार्क में कुछ कमियां हैं तो उसे भी सुधारा जाएगा।
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