छात्राओं ने रंगोली से दिया 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का संदेश
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का सबसे ज्यादा असर मंडल में आगरा में पड़ा है। यहां पिछले दस साल में प्रति एक हजार लड़कों के अनुपात में 67 लड़कियां बढ़ गई हैं। 2011 में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग में 1000 लड़कों के सापेक्ष 861 लड़कियां थीं। जो अब 2021 में प्रति हजार लड़कों पर 928 पहुंच गई हैं। फिरोजाबाद में 57 लड़कियों का अनुपात बढ़ा है जबकि मैनपुरी और मथुरा मंडल में सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं।
आगरा मंडल के आयुक्त अमित गुप्ता ने शनिवार को यह रिपोर्ट जारी की। मथुरा और मैनपुरी के जिलाधिकारी से लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही जिलों की अंतरराज्यीय सीमा पर मुखबिर योजना के तहत लिंग परीक्षण करने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त ने आगरा और फिरोजाबाद की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए लिंग परीक्षण के विरुद्ध मुखबिर योजना के लिए तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा प्रशासनिक स्तर पर मुखबिर योजना पर गंभीरता से जिलाधिकारियों ने कार्य नहीं किया।