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आगरा: दावा था रोबोट का...मशीनें भी न बढ़ीं, कंपनी सफाई के नाम पर सरकार से ले रही 48 करोड़

Fri, 18 Dec 2020 12:19 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • संजय प्लेस जैसे मुख्य इलाकों से लेकर दयालबाग तक सड़कों पर भरा सीवर
  • मेन राइजिंग से नहीं जोड़ी सीवर लाइन, शहर के तीन लाख से ज्यादा लोग परेशान
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सीवर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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48 करोड़ रुपये के भारी भरकम सालाना भुगतान पर चेन्नई की कंपनी वीए टेक वबाग को आगरा के सीवर सिस्टम की सफाई और संचालन की जिम्मेदारी लिए साल पूरा हो गया। लेकिन, शहर के लोगों को सीवर की समस्या का निदान नहीं मिल पाया। कंपनी ने करार करते हुए दावा किया था कि चोक सीवर लाइन की सफाई के लिए रोबोट उतारे जाएंगे, लेकिन रोबोट तो दूर मशीनों की संख्या तक नहीं बढ़ाई। जलकल विभाग से किराए पर मशीनें लेकर वबाग प्रदेश सरकार से 48 करोड़ रुपये का भुगतान ले रही है।

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घटिया आजम खां के पार्षद शिरोमणि सिंह के मुताबिक वबाग कंपनी न तो सीवर नेटवर्क की सफाई कर रहा है और न ही एसटीपी चला पा रहा है। टोल फ्री नंबर पर शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है। उनकी शिकायतों पर भी कंपनी सुनवाई नहीं करती। कंपनी के कर्मचारी प्रशिक्षित नहीं है और सफाई के लिए खपच्चियों पर ही निर्भर हैं, जबकि कंपनी ने दावे रोबोट के किए थे।


राजनगर के पार्षद बंटी माहौर का कहना है कि जब जलकल की मशीनों से ही काम होना था तो 48 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए जा रहे हैं। पतली गलियों में सफाई के लिए कंपनी के पास कोई मशीन नहीं है। जो सक्शन मशीनें लाए हैं, वह कारगर नहीं हैं।

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हकीकत: दयालबाग में सड़क पर भरा सीवर, लोग बेहाल
दयालबाग-पोइया घाट रोड पर पुलिया टूट जाने से सीवर भर गया, जिससे यहां से निकल रहे 10 हजार लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। दो पहिया वाहन सवार और पैदल चलने वालों की मुश्किल ये है कि वाहनों के यहां सीवर से निकलने पर कपड़े खराब हो रहे हैं। दुर्गंध वाला गंदा पानी उन पर उछलकर पहुंच रहा है। 

क्षेत्रीय निवासी चौ. रामवीर सिंह और सौरभ चौधरी ने कहा कि सीवर समस्या के निदान के साथ यहां पुलिया का निर्माण कराया जाए, अन्यथा नगर निगम पर धरना देंगे। वबाग की लापरवाही से पूरा दयालबाग क्षेत्र खतरनाक हो चुका है। कहीं भी कभी भी कोई सड़क धंस रही है तो कहीं भी सीवर लाइन चोक होने से गंदा पानी भर रहा है।

एक साल में कोई राहत नहीं
सुप्रीम कोर्ट अनुश्रवण समिति के सदस्य रमन ने बताया कि वबाग कंपनी के आने से एक साल में कोई राहत नहीं मिली है। संजय प्लेस जैसे क्षेत्र में सीवर समस्या बरकरार है। 40 साल से यहां सीवर की सफाई नहीं हुई। 1.5 किमी क्षेत्र में सीवर लाइन ही नहीं है और मैनहोल का पता नहीं। ये हाल तब है जब अफसरों की बैठक में 5 साल से सीवर समस्या उठा रहा हूं।
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दावा: सीवरेज नेटवर्क की सफाई में रोबोट कारगर नहीं
वीए टेक वबाग कंपनी के ग्लोबल हेड रजनीश चोपड़ा ने बताया कि सीवरेज नेटवर्क की सफाई में रोबोट कारगर नहीं रहा। उसकी जगह सुपर सकर मशीन बेहतर परिणाम दे रही है। आगरा में वर्षों से चोक नेटवर्क की डी-सिल्टिंग की है, जिससे उसकी क्षमता बढ़ी है। संकरी गलियों के लिए छोटी सक्शन मशीनें हैं जो काम कर रही हैं। सीवर शिकायतों में भी कमी आई है।
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