अमृत योजना के तहत शहर के वेस्टर्न जोन में 251 किमी लंबाई में सीवर लाइन बिछाई जा रही है। इसमें 70 किमी लाइन बिछाई जा चुकी है। यहां मिट्टी पड़े होने और रविवार की बारिश के बाद हालात खराब हो गए हैं। फिसलन और कीचड़ के कारण दो लाख से ज्यादा लोग रास्ता बदलने को मजबूर हैं।
जगदीशपुरा, बोदला रोड, पश्चिमपुरी, दहतोरा, आजमपाड़ा, आवास विकास कॉलोनी, शाहगंज क्षेत्र में बारिश के बाद उन जगहों पर कीचड़ हो गई, जहां जल निगम ने सीवर लाइन बिछाने के बाद मिट्टी छोड़ दी थी। सोमवार को जगदीशपुरा-किशोरपुरा रोड पर पड़ी मिट्टी के कारण हुई फिसलन और कीचड़ में दो बैटरी चालित रिक्शा पलट गए, जिन्हें आसपास के दुकानदारों ने उठाया।
एक तरफ सीवर, दूसरी ओर नाले की खोदाई ने बढ़ाई मुश्किलें
पश्चिमपुरी क्षेत्र में एक तरफ सीवर लाइन की खोदाई के कारण हालात खराब हैं, वहीं एडीए के नाला निर्माण से हालात और बिगड़ गए। सिकंदरा बोदला रोड पर फूड सर्किल के सामने से अरविंद पुरम रोड 80 फुटा रोड पर डिवाइडर के एक ओर सीवर लाइन बिछाए जाने के कारण मिट्टी पड़ी है तो दूसरी ओर एडीए ने नाला निर्माण का काम शुरू किया है, जिसकी सिल्ट और मिट्टी डिवाइडर के दूसरी ओर पड़ी है। इससे दोनों ओर का मार्ग बंद पड़ा है। रविवार की बारिश के बाद लोगों का यहां से निकलना मुश्किल हो गया। दुष्यंत नगर, मनहर गार्डन, अरविंद पुरम, नारायण विहार, एमके पुरम, सुलभपुरम के पास बेहद खराब हालात हो गए हैं।
बारिश होने के बाद कीचड़ भरी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
घरों में कैद हो गए लोग
सीवर और नाले की खोदाई के कारण न केवल 80 फुटा रोड पर लोग घरों में कैद हैं, बल्कि दहतोड़ा मोड़ से सद्भावना हॉस्पिटल तक की रोड बेहद खराब स्थिति में होने के कारण लोग अपार्टमेंट और कॉलोनियों से निकल नहीं पा रहे। दहतोरा मोड़ निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क का निर्माण नहीं किया गया। जुलाई में सीवर लाइन बिछाने के बाद यहां गिट्टियां नहीं डाली गईं हैं। नाले का पानी सीवर लाइन बिछाने वाली कटिंग में भर जाने से कीचड़ है। दुष्यंत नगर के पास नाले के लिए 6 फुट खोदाई से किनारे के घरों में लोग बाहर नहीं निकल पा रहे।
लापरवाही पर ठेकेदार को नोटिस
सीवर लाइन बिछाने के काम में ठेकेदार की लापरवाही पर लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। यह बेमौसम बारिश है, जिससे कीचड़ हुई, लेकिन हम पहले ही सड़कों को मोटरेबल बनाने के लिए निर्देश दे चुके हैं। जहां सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और मिट्टी का कॉम्पेक्शन हो चुका है, वहां गिट्टियां बिछाकर मोटरेबल सड़क बनाने के काम में तेजी लाएंगे। - वाईएन सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम
बच्चे-बुजुर्ग बाहर नहीं निकल पा रहे
महीनों से सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क नहीं बना रहे। बारिश के कारण कीचड़ हो गई। बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं घर से निकल नहीं पा रहे। हर काम करने का तरीका होता है, लेकिन यहां तो विभाग मनमानी कर रहे हैं और भुगतना लोगों को पड़ रहा है। - पवन सिंह, दुष्यंत नगर
कीचड़ ने बढ़ाई मुसीबत
नाले और सीवर के लिए मिट्टी छोड़ दी, जिससे फिसलन हो गई है। पहले धूल से परेशान थे, अब कीचड़ ने मुश्किल बढ़ा दी। बच्चों को गिरने के डर से बाहर नहीं भेज रहे। - रागिनी पांडेय, एमके पुरम