लाल झंडी दिखाकर रुकवाई मालगाड़ी
इसकी जानकारी उन्होंने कीमैन रामरूप मीणा को दी। इस बीच मथुरा की ओर से आ रही मालगाड़ी को कीमैन ने सतर्कता बरतते हुए लाल झंडी दिखाकर रोक लिया। रेल लाइन फ्रेक्चर होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
पीडब्ल्यूआई के इंजीनियर मुकेश कुमार पाठक बेल्डिंग टीम लेकर ट्रैक के मरम्मत को पहुंच गए। ट्रैक चटके होने की सूचना से रेलवे में हड़कंप दिखा। टीम ने काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर मरम्मत का कार्य किया।
मालगाड़ी भी ट्रैक पर ही खड़ी रही। कुछ सवारी गाड़ियां भी स्टेशनों पर रोक दी गईं। वैकल्पिक मरम्मत के बाद 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कॉशन देकर मालगाड़ी और ट्रेनों को पास किया गया।
चटकी हुई रेल पटरी से चार सुपरफास्ट और दो सवारी गाड़ी गुजर गईं। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। दोपहर बाद रेल ट्रैक गति के लिए पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया।
ट्रेन संख्या 22921 बांद्रा से चलकर गोरखपुर जाने वाली ट्रेन सुबह 4 बजे इस ट्रैक से गुजरी। ट्रेन संख्या 19715 जयपुर-लखनऊ एक्सप्रेस सुबह साढ़े 4 बजे चटके ट्रैक से गुजर गई।
इसके अलावा ट्रेन संख्या 13238 कोटा-पटना ट्रेन सुबह 6 बजे पूरी गति से इस ट्रैक से गुजरी। लखनऊ से चलकर बांद्रा जाने वाली ट्रेन संख्या 19022 सुबह 6:45 बजे जोखिम भरे ट्रेन से गुजर गई। दो पैसेंजर ट्रेन भी चटके ट्रैक से गुजर गईं।
- 4 सवारी गाड़ियां हुईं प्रभावित।
- 5 ट्रेन और मालगाड़ी कॉशन देकर निकाली गईं।
- 2 पैसेंजर ट्रेन भी ट्रैक से निकलीं।
'कासगंज-मथुरा ट्रैक पर किलोमीटर संख्या 252 पर पटरी चटके होने की जानकारी होते ही रेलवे की टीम मौके पर पहुंच गई। सोमवार दोपहर तक ट्रैक पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया। इससे पहले कॉशन देकर ट्रेने निकाली गईं।'
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।