साल के आखिरी दिन ताज पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को शाहजहां और मुमताज की कब्र बंद होने के बाद भी 70 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने ताज देखा। नए साल के आगाज पर भी देसी-विदेशी सैलानी बड़ी संख्या में ताज का दीदार करने पहुंचेंगे। ऐसे में अगले तीन दिन पुरातत्व विभाग और सीआईएसएफ समेत अन्य एजेंसियों को भीड़ को संभालने की चुनौती होगी।
रविवार को मुख्य कब्रों के बंद होने की जानकारी पर भी सुबह से ही सैलानियों की भीड़ का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर तक ही शिल्पग्राम की पार्किंग में गाड़ियां खड़ी कराने के बाद भी पर्यटकों को आगरा किले के रोड पर गाड़ियां खड़ी करनी पड़ीं। दोपहर तीन बजे से पर्यटकों की भीड़ टिकट की लाइनों में बढ़ना शुरू हो गई। शाम पांच बजे तक तीनों गेटों पर लंबी लाइनें लग चुकी थीं।
शाम साढ़े पांच बजे तक तकरीबन 70 हजार पर्यटकों ने ताज देखा। इनमें बड़ी संख्या में 15 साल से अधिक आयु के पर्यटक भी शामिल हैं, जिनका टिकट नहीं लिया जाता है। नये साल की शुरुआत करने के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में पर्यटक ताज पर पहुंचेंगे। ऐसे में ताज पर व्यवस्थाएं संभालने वालों को आने वाले दिनों में और चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
पर्यटकों से सुरक्षाकर्मियों ने की मारपीट
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर मुख्य मकबरे पर स्थित शाहजहां और मुमताज की कब्रों को शाम को खोले जाने के बाद तीनों गेटों पर पर्यटकों की लंबी कतारें लग गईं। सूर्यास्त होने पर पर्यटकों का दबाव इतना बढ़ा कि पश्चिमी और पूर्वी गेटों पर सुरक्षाकर्मियों के पसीने छूट गए।
जब सुरक्षाकर्मियों ने पर्यटकों को रोका तो उन्होंने जबरन घुसने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने कई पर्यटकों को धक्के मारकर बाहर निकाला। कई पर्यटकों के साथ मारपीट कर डाली।
साल के आखिरी दिन ताज का दीदार करने की हसरत लेकर हजारों पर्यटक रविवार को यहां पहुंचे थे। दोपहर तीन बजे तक व्यवस्थाएं सुचारु चल रही थीं। शाम 3:45 बजे जब मुख्य गुंबद पर मुख्य कब्रों को पर्यटकों के लिए खोला गया तो गुंबद पर पांच हजार से ज्यादा पर्यटकों की भीड़ थी।
लंबी कतारें लग गईं। उधर, शाम को टिकट खरीदने के बाद तीनों गेटों पर लगे पर्यटकों की कतारें बढ़ने लगीं। दक्षिणी गेट और पूर्वी गेट पर कमल होटल तक पर्यटकों की लाइनें शाम चार बजे तक लग चुकी थीं। उधर, पूर्वी गेट पर भी लाइन पाठक प्रेस तक पहुंच गई थी।
भीड़ से चरमराई व्यवस्था
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
शाम साढ़े पांच बजे सूर्यास्त होने पर गेट पर मौजूद पर्यटक ताज में प्रवेश करने के लिए सुरक्षाकर्मियों से धक्कामुक्की करने लगे। इसके बाद पूर्वी गेट पर सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों के बीच जमकर नोंकझोंक और हाथापाई हुई।
कुछ पर्यटकों ने अंदर घुसने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें उठाकर बाहर पटक दिया। इसके बाद पुलिस बल के पहुंचने पर स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। पर्यटकों का कहना था कि डेढ़ घंटे तक लाइन में लगने के बाद वापस क्यों किया जा रहा है।
कई पर्यटकों ने सुरक्षाकर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। ताज के बंद होने के बाद तकरीबन एक हजार लोग बगैर ताज देखे ही लौट गए। सीआईएसएफ के कमांडेंट ब्रजभूषण सिंह ने बताया कि पर्यटकों के साथ कोई अभद्रता नहीं हुई। शाम के वक्त धक्कामुक्की हुई थी।